द फॉलोअप डेस्क
साइबर फ्रॉड केवल आम लोगों, व्यवसायियों व अधिकारियों को ही अपने जाल में नहीं फंसाता है। यह जेपीएससी के अभ्यर्थियों से भी उगाही का पूरा प्रयास किया। अब कितने अभ्यर्थी इसके चंगुल में आए, यह आंकड़ा तो सामने नहीं आ सका, लेकिन निरसा थाना क्षेत्र के एक अभ्यर्थी की शिकायत पर पुलिस उस साइबर फ्रॉड को नहीं ढूंढ पायी। निरसा पुलिस लगभग नौ माह के बाद अनुसंधान की कार्यवाही को 25 मई 2025 को बंद करते हुए न्यायालय और वादी को सूचित कर दिया। जबकि साइबर फ्रॉड द्वारा जेपीएससी के अभ्यर्थियों को फंसाने के इस कृत्य पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लिया था। इस कारण पुलिस सक्रिय भी हुई थी। लेकिन रिजल्ट शून्य निकला।

जाने क्या है पूरा मामला
धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र के खुदिया कालीमाली निवासी अजय कुमार ने 20 सितंबर 2024 को थाने में एक शिकायत दर्ज करायी थी। उसमें उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर 8797697681 से किसी ने उन्हें फोन किया। उनके जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा का रौल नंबर और जन्म तिथि बताया। फिर कहा कि जेपीएससी की मुख्य परीक्षा में अगर क्वालिफाई करना है तो 6.20 लाख रुपए भेजो। नहीं तो मुख्य परीक्षा के परिणाम से तुम बाहर कर दिए जाओगे। साइबर फ्रॉड के इस कृ्त्य के बाद अजय कुमार ने निरसा थाने में लिखित शिकायत की। व्यक्तिगत सूचना के दुरुपयोग को रोकने का आग्रह किया।

पुलिस को नहीं मिला साइबर फ्रॉड
अजय कुमार द्वारा थाने में एफआईआर कराए जाने के बाद निरसा पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर बिहार के नालंदा जिला गयी। वहां अस्थावां थाना के सहयोग से नोअवां गांव गयी। लेकिन छापेमारी में पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगी। फिर मोबाइल नंबर के लिए दर्ज पता के आधार पर बिहार के ही बक्सर जिला भी गयी। साइबर फ्रॉड द्वारा उपयोग किया गया मोबाइल नंबर किसी सरिता देवी, पति राजेश कुमार रंजन, गोवर्द्धनपुर बक्सर के नाम दर्ज था। लेकिन पुलिस को वहां भी सरिता देवी के नाम का सत्यापन नहीं हो सका। अंततः पुलिस ने कांड का अजय कुमार और न्यायालय को सूचना देते हुए कांड का अनुसंधान बंद कर दिया है।

डाटा चुरा कर अभ्यर्थियों को फोन करता था साइबर फ्रॉड
साइबर फ्रॉड जेपीएससी की मुख्य परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों का डाटा चुरा लिया था। फिर उस डाटा के आधार पर वह अभ्यर्थियों को फोन करता था। अभ्यर्थी को उसका नाम, पता, रौल नंबर और जन्म तिथि बता कर फंसाता था। इतना सारा कुछ बताने पर अभ्यर्थी झांसे में आने के लिए काफी थे।
