द फॉलोअप डेस्क
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री द्वारा प्रसारित “मन की बात” के 132वें एपिसोड को लेकर झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक ने कोना में बैठकर डेढ़ घंटे तक कार्यक्रम सुना। लेकिन यह विडंबना है कि प्रधानमंत्री अपने पूरे कार्यक्रम में सिर्फ अपने मन की बात करते हैं, जनता के काम की बात कभी नहीं करते। संसद में विपक्ष द्वारा महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर कई सवाल उठाए गए, परंतु प्रधानमंत्री ने किसी भी सवाल का जवाब देने की जरूरत नहीं समझी। देश जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है ईरान, इज़रायल और अमेरिका के तनावपूर्ण हालात पर भी प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

इधर देश में एलपीजी गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। शहरों से लेकर गांव तक लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। दूसरी ओर प्रधानमंत्री और उनके मंत्री “सोर्सेस” का हवाला देते हुए कहते हैं कि हमारे पास गैस का पर्याप्त भंडार है। यदि पर्याप्त भंडार है तो फिर इतनी लंबी लाइनें क्यों लग रही हैं, जनता परेशान क्यों है। प्रधानमंत्री को “मन की बात” करने से पहले जनता के मन की बात सुनने की जरूरत है, और देश के ज्वलंत मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। जनता महंगाई, बेरोजगारी, और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राहत चाहती है, लेकिन केंद्र सरकार सिर्फ प्रचार, कार्यक्रम और एकतरफा संवाद में व्यस्त है। हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री जनता के सवालों पर सीधे जवाब दें और इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करें।
