द फॉलोअप डेस्क
बोकारो जिले के चास प्रखंड अंतर्गत कालापत्थर पंचायत के पिपराबेड़ा टोला के लोगों को अब उम्मीद की नई किरण दिखी है। आजादी के बाद से आवागमन की मूलभूत सुविधा से वंचित इस क्षेत्र की दशा अब बदलने वाली है। डीसी अजय नाथ झा के जनता दरबार में ग्रामीणों की गुहार के बाद प्रशासन ने इस गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लिया।
डीसी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने बुधवार को पिपराबेड़ा टोला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने देखा कि गांव तक कोई पक्का रास्ता नहीं है। बरसात के दिनों में खेतों के रास्ते जलमग्न हो जाते हैं, जिससे टोला पूरी तरह से टापू बन जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को घर बैठना पड़ता है और बीमार लोगों को खटिया पर अस्पताल ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने डीडीसी को बताया कि सड़क के अभाव में कई बार बच्चों के बह जाने जैसे हादसे भी हो चुके हैं। डीडीसी ने इसे बेहद गंभीर चिंता का विषय मानते हुए तत्काल अंचल अधिकारी को भूमि संबंधी रिपोर्ट तैयार कर भेजने और तकनीकी टीम के साथ समन्वय बनाकर शीघ्र पथ निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कहा, "सड़क जैसी बुनियादी सुविधा एक सभ्य जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है, जिसे उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस दिशा में हर जरूरी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।" प्रशासन की इस तत्परता ने ग्रामीणों के मन में एक नई उम्मीद जगाई है कि अब उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा, बीमारों को समय पर इलाज और पूरे गांव को साल भर निर्बाध संपर्क सुविधा मिल सकेगी।
