द फॉलोअप डेस्क
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई से पेट्रोल के दाम में 2.61 प्रति लीटर और डीजल में 2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 प्रति लीटर और डीजल 95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। मार्च 2024 के बाद पहली बार ईंधन कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। जानकारों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष के असर से क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक ऊंचे दाम बने रहने से उनके ऊपर वित्तीय दबाव बढ़ गया था।

ऐसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति और टैक्स संरचना के आधार पर तय होते हैं। कच्चे तेल को रिफाइन करने की लागत, कंपनियों का मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों के वैट को जोड़ने के बाद उपभोक्ताओं तक अंतिम कीमत पहुंचती है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरें भिन्न होने के कारण ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग रहती हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री में हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये तक का घाटा हो रहा था। ऐसे में कीमतों में संशोधन को जरूरी कदम माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की दी थी सलाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित इस्तेमाल की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत समय की जरूरत है। पीएम ने लोगों से अगले एक साल तक गैरजरूरी खर्चों में कटौती करने की भी अपील की थी।