द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर वाद प्रतिवाद का दौर शुरू हो गया है। गढ़वा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गढ़वा में इस समय विकास बनाम भ्रामक राजनीति की लड़ाई चल रही है। पिछले लगभग 14 महीनों से गढ़वा में विकास की रफ्तार थमी हुई नजर आ रही है, जिससे आम जनता में निराशा का माहौल है। नगर निकाय चुनाव नजदीक आते ही वर्तमान विधायक द्वारा भ्रामक और तथ्यहीन बयानबाजी कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मुद्दों से हटकर कल्पनाओं और मनगढ़ंत बातों के सहारे राजनीति करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हर चुनाव के समय विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया जाता है और धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश की जाती है, जो सामाजिक सौहार्द और विकास की भावना को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चुनाव में भी पुराने मुद्दों और खोखले वादों को दोहराया जा रहा है। एक ओर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर विरोधाभासी बयान नेतृत्व की गंभीरता पर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि गढ़वा की जनता अब मौजूदा विधायक के वादों से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और वास्तविक विकास की उम्मीद कर रही है। जनता समझ चुकी है कि विकास के नाम पर भ्रम फैलाया गया और असली मुद्दों से ध्यान भटकाया गया। पूर्व मंत्री ने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में गढ़वा नगर परिषद की जागरूक जनता झामुमो समर्थित उम्मीदवार संतोष केशरी को क्रमांक 12 पर ‘सीसीटीवी कैमरा’ चुनाव चिह्न पर मतदान कर करारा जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि संतोष केशरी के नेतृत्व में नगर परिषद में रुकी हुई विकास की रफ्तार फिर से तेज होगी और गढ़वा के सर्वांगीण विकास का नया अध्याय शुरू होगा।
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों से गढ़वा जिले में व्यापक बदलाव देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि न केवल गढ़वा, बल्कि पूरे झारखंड में उनके द्वारा किए गए कार्यों को आज भी विकास मॉडल के रूप में देखा जाता है। आधारभूत संरचना के विकास, प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक स्थलों के निर्माण से जिले को नई पहचान मिली है। आधुनिक कलेक्ट्रेट भवन और उसके सामने विकसित भव्य पार्क आज गढ़वा का प्रमुख लैंडमार्क बन चुके हैं, जिसकी सराहना दूर-दराज से आने वाले लोग भी करते हैं। गढ़वा जिले में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए सर्वांगीण विकास की चर्चा आज भी जनता के बीच होती है। उन्होंने कहा कि निर्माण की राजनीति ही स्थायी बदलाव लाती है, जबकि विनाश की राजनीति आसान लेकिन अल्पकालिक होती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा विकास, एकता और जनहित की राजनीति करता आया है और आगे भी इसी रास्ते पर चलेगा।
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