नंदलाल तुरी
पाकुड़ समाहरणालय सभागार में आज पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) अधिनियम के प्रभावी अनुपालन एवं डीआईएमसी (District Inspection & Monitoring Committee) की कार्यप्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की।
उपायुक्त ने जिले में संचालित 9 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की विस्तृत और समग्र जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच टीम द्वारा प्रत्येक केंद्र की जांच अधिनियम में निर्धारित प्रोटोकॉल, मानकों और चेकलिस्ट के अनुरूप की जाए तथा जांच प्रतिवेदन शीघ्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। उपायुक्त ने यह भी कहा कि गर्भ में भ्रूण के लिंग निर्धारण की अवैध गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध है और ऐसे मामलों में जिला प्रशासन शून्य-सहनशीलता की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग, दस्तावेजों की जांच और औचक निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में डीआईएमसी समिति की वर्तमान गतिविधियों, निरीक्षण प्रगति और लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि समिति द्वारा सभी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का समयबद्ध निरीक्षण अनिवार्य है तथा सभी जांच प्रतिवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि बालिका भ्रूण हत्या केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि समाज और मानवता के विरुद्ध एक गंभीर कृत्य है। इसे रोकने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाज सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है।
