द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग की पहचान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) प्रशिक्षण केंद्र से पूरे देश में है, जहां विदेशी सुरक्षा कर्मी भी प्रशिक्षण लेने के लिए आते हैं। आज, 347 नव आरक्षकों ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर दीक्षांत परेड में हिस्सा लिया और देश की सेवा में योगदान देने की शपथ ली।
यह दीक्षांत समारोह हजारीबाग के बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र एवं स्कूल के रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड में सोमवार को आयोजित हुआ। समारोह में 347 नवआरक्षकों ने देश की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। भव्य पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच बीएसएफ के बैंड की धुन ने पूरे माहौल में देशभक्ति का रंग भर दिया। भारत माता की जयकारों के साथ नवआरक्षकों ने तिरंगे झंडे के नीचे शपथ ली और देश की अखंडता और एकता की रक्षा करने का संकल्प लिया।
44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण, लगन और मेहनत के बाद यह जवान दीक्षांत परेड में शामिल हुए। उन्होंने कदम से कदम मिलाकर परेड में हिस्सा लिया और सभी के दिलों को जीत लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बीएसएफ मेरु के महानिरीक्षक, धीरेंद्र संभाजी कुटे उपस्थित थे, जिन्होंने सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। समारोह में जवानों के माता-पिता सहित हजारीबाग के कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे और परेड का आनंद लिया।
धीरेंद्र संभाजी ने नवआरक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत परेड के बाद ये जवान बीएसएफ के सदस्य बन गए हैं, जो भारत की पहली रक्षा पंक्ति का हिस्सा होंगे। उन्होंने जवानों को कठिन प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह प्रशिक्षण देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रशिक्षण के दौरान, जवानों को शारीरिक फिटनेस, हथियार चलाना, विभिन्न कानूनों की जानकारी, अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार, आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके अलावा, उन्हें खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेने की प्रेरणा दी गई।
जवानों के माता-पिता ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि यह उनके लिए बहुत सम्मान की बात है कि उनका बेटा अब देश की सेवा में जा रहा है। हजारीबाग के बीएसएफ मेरु प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये जवान देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं, जो न केवल हजारीबाग, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का पल है।
