पलामू:
Plamu News: चर्चित प्रभात मेहता हत्याकांड (Prabhat Mehta) की जांच को लेकर पलामू पुलिस (Palamu Police) ने बड़ा कदम उठाया है। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए पलामू एसपी कपिल चौधरी (SP Kapil Chaudhary) के निर्देश पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। हुसैनाबाद एसडीपीओ सह आईपीएस अधिकारी दिव्यांशु शुक्ला (IPS Divyanshu Shukla) को SIT की जांच की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मामले में चार पुलिसकर्मियों को लाइन क्लोज किया गया है।

23 मई को लापता हुए थे प्रभात मेहता
प्रभात मेहता 23 मई को पाटन थाना क्षेत्र के सहदेवा से लापता हुए थे। इसके बाद 27 मई को उनका शव बरामद किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी को बेंगलुरु से, जबकि दूसरे आरोपी धर्मेंद्र कुमार को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया था। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर पलामू लाकर पूछताछ की गई थी। पुलिस के अनुसार, अब तक के अनुसंधान में दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने पुलिस की जांच और कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
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परिजनों के आरोप के बाद जांच का दायरा बढ़ा
मृतक प्रभात मेहता के परिजनों की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन में जांच को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। पलामू पुलिस ने इन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच को और विस्तृत करने का निर्णय लिया। इसी के बाद SIT का गठन किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
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चार पुलिसकर्मी किए गए लाइन क्लोज
मामले में पलामू एसपी कपिल चौधरी ने चार पुलिसकर्मियों को लाइन क्लोज किया है। इन पुलिसकर्मियों की भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं, उनमें राकेश सिंह, सूर्यनाथ सिंह, रोहित कुमार और शैलेश शुक्ला शामिल हैं। हालांकि, इन पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
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आपसी रंजिश में हत्या का पुलिस का दावा
एसडीपीओ राजेश यादव के मुताबिक, अब तक की पुलिस जांच में प्रभात मेहता की हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या में प्रभात मेहता के करीबी दोस्तों की भूमिका सामने आई है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी की पत्नी की ओर से भी प्रभात मेहता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि प्रभात मेहता उसकी पत्नी के साथ छेड़खानी करता था और गलत नीयत रखता था। हालांकि, इन आरोपों की भी जांच की जा रही है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रख रही है।
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तकनीकी साक्ष्यों की भी होगी जांच
SIT अब हत्याकांड से जुड़े लोगों की भूमिका के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों को एक-दूसरे से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। SIT घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि हत्याकांड से पहले और बाद में किन लोगों की क्या भूमिका रही।
जांच रिपोर्ट सीआईडी को भेजे जाने की तैयारी
पलामू पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद तैयार की गई रिपोर्ट सीआईडी को भी भेजी जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित कर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। फिलहाल, SIT के गठन और चार पुलिसकर्मियों को लाइन क्लोज किए जाने के बाद प्रभात मेहता हत्याकांड की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब SIT की जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों पर नजर बनी हुई है।