द फॉलोअप डेस्क
पलामू पुलिस की सतर्कता से एक बार फिर गैंगस्टर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। शहर थाना क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान जिस युवक को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया, उसका कनेक्शन कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान से जुड़ा सामने आया है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले प्रिंस खान द्वारा पलामू के एक सोना व्यवसायी से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद पलामू पुलिस ने दो गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वहीं, एक जनवरी की रात करीब 8 बजे, पुलिस अधीक्षक पलामू के निर्देश पर कोयल नदी किनारे ओवरब्रिज के नीचे एंटी क्राइम चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान गिरिवर स्कूल की ओर से आ रही काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल के चालक ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र बलों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी में युवक के पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई। पकड़ा गया युवक शाहरूख अली, उम्र 25 वर्ष, हुसैन नगर पहाड़ी मोहल्ला का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। शाहरूख अली ने कबूल किया है कि वह यह हथियार लेकर गैंगस्टर प्रिंस खान के इशारे पर सोना व्यवसायी रंजीत सोनी की दुकान पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की योजना में शामिल था। इसका मकसद था रंगदारी वसूली।
शाहरूख ने यह भी बताया कि उसका संपर्क प्रिंस खान से सीधे नहीं, बल्कि अपने भतीजे आतीफ खान के जरिए था। इसी वारदात के बदले प्रिंस खान की ओर से तीस हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि आतीफ खान ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर प्रिंस खान से बातचीत की स्क्रीनशॉट भी पोस्ट की थी, जिससे गैंगस्टर नेटवर्क की पुष्टि होती है। फिलहाल पुलिस ने शाहरूख अली के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस का फोकस गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क, उसके स्थानीय सहयोगियों और फंडिंग चैनल पर है। पलामू पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ी आपराधिक वारदात टल गई, लेकिन यह गिरफ्तारी साफ संकेत देती है कि गैंगस्टर प्रिंस खान अब भी अपने नेटवर्क के जरिए जिले में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है।
