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पलामू क़िला और बेतला टाइगर सफारी को मिलेगी नई पहचान, सुदिव्य और राधाकृष्ण किशोर की मौजूदगी में लिये गये ये फैसले 

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रांची
पर्यटन एवं वन क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर शनिवार को मंत्री सुदिव्य कुमार के कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर की उपस्थिति रही, वहीं पर्यटन सचिव और वन सचिव समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में झारखंड के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। खासतौर पर पलामू क़िला के जीर्णोद्धार को लेकर ITHRD द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर BCD के माध्यम से सत्यापन कराने, NIP जारी करने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत अनुभवी एजेंसियों से वेट कराकर टेंडर आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया।


बैठक में झारखंड ईको टूरिज़्म अथॉरिटी (JETA) की गवर्निंग और एग्जीक्यूटिव काउंसिल में आवश्यक बदलाव कर परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन का रास्ता साफ करने की सहमति बनी।
बेतला नेशनल पार्क में प्रस्तावित टाइगर सफारी के लिए राजगीर मॉडल को अपनाते हुए, पहले इसे राज्य वन्यजीव बोर्ड से पारित करने और फिर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹250 करोड़ है।
इसके अलावा, कमलदह झील के सौंदर्यीकरण को लेकर अलग प्रस्ताव तैयार करने की बात कही गई, जिससे पलामू क़िला क्षेत्र का समग्र पर्यटन विकास संभव हो सके। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि अबुआ सरकार झारखंड के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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