नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज जिला स्वास्थ्य समिति, पाकुड़ द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) के लिए एक दिवसीय उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण आगामी 6वें चरण की एक्टिव केस सर्च को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने हेतु सीएचओ कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित रहा। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने सीएचओ कर्मियों को कालाज़ार खोज, डेंगू और मलेरिया नियंत्रण रणनीतियाँ, फाइलेरिया निदान, सामुदायिक हस्तक्षेप, रक्त स्मियर संग्रह, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट, दवा वितरण प्रोटोकॉल, ADR मॉनिटरिंग और नाइट ब्लड सर्वे जैसी बारीकियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि सीएचओ कर्मी हमारी स्वास्थ्य प्रणाली की जमीनी ढांचे की सबसे मजबूत इकाई हैं। उनकी तैयारी जितनी सुदृढ़ होगी, जिले में वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण के परिणाम उतने ही प्रभावी होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही जिले में एक्टिव केस सर्च अभियान की शुरुआत की जाएगी। साथ ही फाइलेरिया उन्मूलन हेतु मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान की तैयारियाँ भी तेज गति से चल रही हैं, जिसका लक्ष्य जिले की पूरी पात्र आबादी तक दवा पहुँचाना है। सीएचओ कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे फील्ड विजिट, जनजागरूकता, IEC/BCC गतिविधियों और रिपोर्टिंग कार्य को अत्यंत सावधानी, सटीकता और समयबद्धता के साथ पूरा करें, ताकि रोग नियंत्रण के लक्ष्य समय पर प्राप्त किए जा सकें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. एस. के. मिश्रा, जिला भीवीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हासीब हक, जिला भीवीडी सलाहकार अंकित कुमार, राजू कुमार अग्रवाल, पीरामल से प्रभास रंजन तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।