द फॉलोअप डेस्क
चिड़िया स्थित सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की आयरन ओर माइंस में कार्यरत बी-रजिस्टर सप्लाई मजदूर 45 वर्षीय रामप्रसाद गोला की सोमवार सुबह चिड़िया सेल अस्पताल में इलाज के क्रम में हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिड़िया सेल ऑफिस के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रामप्रसाद गोला, जो चिड़िया के हरिजन टोला के निवासी थे, पिछले 15 वर्षों से सेल के सिविल विभाग में सप्लाई मजदूर के रूप में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे रविवार देर रात तबीयत बिगड़ने के कारण चिड़िया सेल अस्पताल में भर्ती हुए थे। इलाज के दौरान वे अस्पताल के बेड से गिर गये और उसी हालत में उन्हें इंजेक्शन दिया गया। परिवारजनों का आरोप है कि उनके उपचार में लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी हालत और बिगड़ती चली गई और सोमवार तड़के करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई।
इस घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग मृतक के शव के साथ सेल ऑफिस के मुख्य द्वार पर जमा हो गये और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी रामप्रसाद के आश्रित को नौकरी देने और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सेल प्रबंधन मजदूरों को कीड़े-मकोड़े जैसा समझता है और उनके प्रति कोई संवेदनशीलता या सहानुभूति नहीं रखता।
इस रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है। वहीं दूसरी ओर, सेल प्रबंधन के अधिकारियों ने इस मामले में स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से परहेज़ करते हुए कहा कि "नौकरी देने का कोई निर्धारित प्रावधान नहीं है।" हालांकि, अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत जारी रहने की बात कही है। लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन या समाधान नहीं दिया गया है, जिस कारण धरना प्रदर्शन जारी है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मृतक के परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा।
