logo

एक ओर सड़क पर बढ़ रहा एक्सीडेंट दूसरी ओर परिवहन विभाग में जारी है भिड़ंत

एक ओर सड़क पर बढ़ रहा एक्सीडेंट दूसरी ओर परिवहन विभाग में जारी है भिड़ंत

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः

राज्य सरकार के परिवहन विभाग में सब कुछ सामान्य नहीं है। आम तौर पर किसी विभाग में इस तरह की घटनाएं नहीं होती है। सचिव द्वारा अपने ठीक नीचले पायदान पर बैठे किसी आईएएस अधिकारी को शोकॉज जारी कर दिया गया हो। लेकिन  परिवहन सचिव राजीव रंजन ने परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा को शोकॉज नोटिस जारी कर दिया। इससे स्पष्ट हो रहा है कि परिवहन में विभागीय कामकाज की स्थिति सामान्य नहीं है। विभाग के जिन विषयों को आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था, उसके लिए शोकॉज की घटना अप्रत्याशित है। इसलिए सड़क ही नहीं विभाग में भी भिड़ंत की स्थिति है। हालांकि संजीव बेसरा ने भी परिवहन सचिव को सिलसिलेवार ढंग से अपना जवाब सौंप दिया है। स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए संजीव बेसरा ने लिखा है कि वह क्या करें, मानव बल की कमी, अधिकारियों का स्थानांतरण और नियमित अधिकारी और कर्मचारी नहीं रहने से काम प्रभावित हुआ है। इसके लिए वह जिम्मेवार नहीं है।

क्या है मामला

सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आने की वजह से परिवहन सचिव ने परिवहन आयुक्त से स्पष्टीकरण की मांग कर दी। उसमें मूल रूप से परिवहन आयुक्त पर शिथिलता, उदासीनता बरतने और सक्षम प्राधिकार के आदेशों की अवहेलना की बात कही गयी। 11 सितंबर को परिवहन आयुक्त संजीव बेसरा ने भी लंबा चौड़ा जवाब समर्पित किया है। उसमें उन्होंने साफ किया है कि सड़क सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता या सक्षम प्राधिकार के आदेशों-निर्देशों की अवहेलना नहीं की गयी है। योजनाओं की धीमी प्रगति के पीछे संस्थागत मानवबल की कमी, अधिकारियों के स्थानांतरण और संबंधित कार्यों के लिए नियमित पदस्थापन नहीं होना प्रमुख कारण रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी व्यवस्था प्रभावी नहीं

संजीव बेसरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की Supreme Court Committee on Road Safety (SCCoRS) के निर्देशों के आलोक में झारखंड में सड़क सुरक्षा कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए संस्थागत व्यवस्था स्थापित की गई थी। इसके तहत संयुक्त परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा के पद सृजितकिए गए, ताकि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की स्वतंत्र और प्रभावी निगरानी तथा क्रियान्वयन हो सके। लेकिन समय के साथ इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अपेक्षित और नियमित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति नहीं हो सकी, जो समर्पित इच्छा शक्ति के साथ काम करें। निरंतरता प्रभावित हुई और सड़क सुरक्षा संबंधी दायित्वों के निर्वहन के लिए अपेक्षित स्तर पर नियमित एवं समर्पित पदाधिकारी व मानवबल उपलब्ध नहीं रह सका।

संयुक्त परिवहन आयुक्त नहीं तो काम प्रभावित

परिवहन आयुक्त ने अपने जवाब में कहा है कि 10 अक्टूबर 2025 को हुई राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति की बैठक हुई थी। इसमें स्वीकृत विभिन्न योजनाओं के संबंध में परिवहन आयुक्त, लीड एजेंसी की ओर से अद्यतन प्रतिवेदन और विलंब को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। परिवहन आयुक्त के अनुसार, लीड एजेंसी के प्रभारी के रूप में संयुक्त परिवहन आयुक्त ही कार्य करते हैं और वे निविदा निष्पादन समिति के अध्यक्ष भी नामित हैं। पत्र के अनुसार इस पद पर फिलहाल किसी का पदस्थापन नहीं किया गया है, जिससे निविदा संबंधी कार्य प्रभावित हुए। संजीव बेसरा ने कहा है कि पहले लीड एजेंसी-सड़क सुरक्षा कार्यालय में संयुक्त परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा, अवर सचिव, प्रशाखा पदाधिकारी और IT Assistant (आउटसोर्सिंग) पदस्थापित थे। संयुक्त परिवहन आयुक्त एवं सड़क सुरक्षा का अन्यत्र स्थानांतरण होने के बाद उनके स्थान पर नियमित प्रतिस्थापन नहीं हो सका। इसके अलावा अवर सचिव 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो गए, जबकि प्रतिनियुक्त प्रशाखा पदाधिकारी भी 20 अगस्त 2026 से अन्यत्र स्थानांतरित कर दिए गए। इतना ही नहीं कर्मचारियों-अधिकारियों की कमी को देखते हुए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने फरवरी और जुलाई 2026 में पत्राचार कर विभाग को स्थिति से अवगत कराया था। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ITMS और इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट भी प्रभावित

स्पष्टीकरण में Intelligent Traffic Management System (ITMS), Electronic Enforcement और अन्य महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। सुप्रीम कोर्ट और SCCoRS की ओर से इन आधुनिक सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। इसके अलावा Automated Fitness Centre, LL/DL Smart Card और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा से जुड़े कार्य भी परिवहन विभाग/परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबंधित हैं। जवाब में कहा गया है कि सीमित मानवबल के कारण इन सभी कार्यों को समानांतर रूप से संचालित करने से उपलब्ध संसाधनों पर असामान्य कार्यभार है।

 

 

Tags - Road accident Transport Secretary Commissioner Jharkhand clarification