गढ़वा
गढ़वा सदर थाना क्षेत्र के महुलिया गांव में करीब 15 वर्ष पुराने बहुचर्चित अब्दुल शकूर अंसारी हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, गढ़वा की अदालत ने आरोपी शाहिद अहमद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या सहित अन्य धाराओं में दोष सिद्ध पाए गए। आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जानकारी के अनुसार, 17 मार्च 2011 की रात गढ़वा थाना क्षेत्र के महुलिया गांव निवासी अब्दुल शकूर अंसारी भोजन के बाद अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। देर रात चीख-पुकार सुनकर उनकी पत्नी बाहर निकलीं तो देखा कि गांव के अलीजान अंसारी, रिजवान अंसारी, शाहिद अहमद समेत अन्य लोग उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे हैं।

इलाज के दौरान उनकी मौत
आरोपियों ने गंभीर रूप से घायल अब्दुल शकूर अंसारी को घसीटकर अलीजान अंसारी के घर ले जाकर उन पर पत्थरों से भी हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी और बहू को भी जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल अब्दुल शकूर अंसारी को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गढ़वा थाना कांड संख्या 47/2011 दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस अनुसंधान में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि वर्ष 2007 में अब्दुल शकूर अंसारी ने अलीजान अंसारी के खिलाफ गढ़वा थाना कांड संख्या 269/2007 दर्ज कराया था, जिसके कारण अलीजान अंसारी को जेल जाना पड़ा था।

2011 में उनकी हत्या कर दी गई
जेल से बाहर आने के बाद उसने अब्दुल शकूर अंसारी को जान से मारने की धमकी दी थी और इसी रंजिश में वर्ष 2011 में उनकी हत्या कर दी गई। जांच पूरी होने के बाद गढ़वा पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले के अन्य आरोपियों पर अदालत पहले ही फैसला सुना चुकी थी, जबकि शाहिद अहमद के विरुद्ध अलग वाद में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने शाहिद अहमद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।