रांची:
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र जारी है। पांचवे दिन कई बार सदन में हंगामा हुआ। सदन की दूसरी पाली में पदाधिकारी दीर्घा में अधिकारियों की अनुपस्थिति देख विपक्ष ने हंगामा किया। मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सदन में मूल बजट पर चर्चा हो रही है लेकिन अधिकारी दीर्घा में ना तो मुख्य सचिव हैं और ना ही डीजीपी। विभागीय सचिव भी अनुपस्थित हैं।

गलत परंपरा की शुरुआत
बिरंची नारायण ने कहा कि अहम मौके पर अधिकारियों का सदन से नदारद रहना गलत परंपरा की शुरुआत है। अधिकारियों पर नकेल कसा जाए। प्रदीप यादव ने कहा कि इसमें सुधार की गुंजाइश है। सरकार इसे हल्के में ले, ये ठीक नहीं है। प्रदीप यादव ने भी कहा कि सभी अधिकारियों और विभागीय सचिवों को सदन में उपस्थित होना चाहिये।

सीपी सिंह ने कर डाली ये मांग
कई सदस्यों ने कहा कि आसन इसको निर्देशित करें। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि आसन इतना कमजोर क्यों है, समझ नहीं आता। सीपी सिंह ने कहा कि जब तक अधिकारी दीर्घा में नहीं आते, सदन की कार्यवाही रोकी जाये।