गढ़वा
गढ़वा जिले में एक किसान ने सेब की खेती की शुरुआत की है. अपनी मेहनत और नवाचार से प्रगतिशील किसान प्रमोद कुमार ने अपने खेत में सेब की खेती शुरू कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है. आमतौर पर सेब की खेती ठंडे और पहाड़ी क्षेत्रों में होती है, जबकि गढ़वा जैसे गर्म इलाके में यह एक कठिन कार्य माना जाता है. यहां गर्मियों में तापमान 35 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, फिर भी प्रमोद कुमार ने इस चुनौती को स्वीकार किया.
पौधे में आने लगे फल
प्रमोद कुमार ने दो वर्ष पहले प्रयोग के तौर पर ऑनलाइन एक सेब का पौधा मंगाया था. जब उस पौधे की वृद्धि अच्छी हुई, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ा. इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश से 100 सेब के पौधे मंगवाकर अपने एक एकड़ खेत में लगा दिए. वर्तमान में ये पौधे 8 से 10 फीट तक ऊंचे हो चुके हैं और कई पौधों में फल भी आने लगे हैं.
आसपास के किसान भी हो रहे प्रेरित
किसान का कहना है कि नियमित देखभाल, समय पर सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग से पौधों का विकास बेहतर हो रहा है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में अच्छी पैदावार होगी. उनका मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों को अपनाएं, तो उनकी आय में वृद्धि संभव है. प्रमोद कुमार के इस प्रयास से आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं. कई किसान उनके खेत पर जाकर सेब की खेती की प्रक्रिया को समझ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में सुधार होगा.
जिला कृषि पदाधिकारी ने की सराहना
जिला कृषि पदाधिकारी ने भी इस पहल की सराहना की है. उनका कहना है कि इस तरह के गर्म क्षेत्र में सेब की खेती करना बेहद कठिन है, लेकिन प्रमोद कुमार ने इसे संभव कर दिखाया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि किसान को सरकारी योजनाओं से जोड़कर हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाएगा. प्रमोद कुमार का यह प्रयास न केवल किसानों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नई सोच और मेहनत से खेती में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं.
