हजारीबाग:
केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बुंडू खपियां गांव के पास जंगलों में पत्नी नताशा समेत मारा गया 15 लाख का इनामी नक्सली सहदेव महतो उर्फ अनुज लेवी के लालच में सीमावर्ती इलाकों में घूम रहा था। झारखंड के आईजी (अभियान) डॉक्टर माइकल राज ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पारसनाथ, लुगु झुमरा, हजारीबाग और चतरा में माओवादियों का दस्ता केवल पैसों की उगाही के लिए ही एक्टिव था। हैरानी की बात है कि सुरक्षाबलों के भारी दबाव और घेराबंदी के बावजूद सहदेव और उसकी पत्नी नताशा लेवी की खातिर इलाके में सक्रिय थे। कहा जाता है कि उनकी यही गलती अथवा दुस्साहस उन्हें भारी पड़ा।

साथियों के मारे जाने पर भी बाहर निकला
आईजी (अभियान) डॉ. माइकल राज ने बताया है कि पिछले दिनों दर्जनभर से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। दर्जनों माओवादियों की या तो गिरफ्तारी हुई या फिर उन्होंने आत्मसमर्पण किया है। बावजूद इसके सहदेव अपनी पत्नी नताशा और बाकी साथियों के साथ एके-47 राइफल लेकर लेवी वसूलने के लिए इलाके में घूम रहा था। चूंकि उनके पास हथियार था, इसलिए लेवी के रूप में बढ़िया रकम भी मिली थी। शुक्रवार को भी सहदेव साथियों के साथ लेवी वसूलने ही निकला था, जिसकी जानकारी पुलिस को मिल गई।

गढ़चिरौली से झारखंड आई थी नक्सली नताशा
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के आईजी साकेत सिंह ने बताया कि नताशा मूलरूप से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली की रहने वाली थी। झारखंड आई तो यहीं संगठन में रहते हुए ही सहदेव महतो से शादी रचाई। गौरतलब है कि गढ़चिरौलीी भी कभी महाराष्ट्र का घोर नक्सल प्रभावित इलाका हुआ करता था। झारखंड में नक्सल मूवमेंट को तेज करने के लिए ही नताशा को झारखंड भेजा गया था।