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मेडिकल छात्रा मामले में मुसलामानों को किया जा रहा टारगेट, अपराधी को मिले कड़ी सजा: झारखंड मुस्लिम युवा मंच

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रांची 

लालपुर रांची के मेडिकल छात्रा मामले में आज झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने के पीसी की। इसमें मंच ने कहा कि इस मामले में मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है, जो कि गलत है। कहा कि अपराधी का कोई मजहब नहीं होता। इस मामले में जो भी अपराधी है, उसकी पहचान कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाये।मंच के नेताओं ने कहा कि ये घटना शर्मनाक और अति निंदनीय है। यह घटना किसी के द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता। लेकिन मेडिकल छात्रा के मामले में एक विशेष समुदाय यानी मुसलमान को टारगेट किया जा रहा है। एस अली ने कहा कि कई मुस्लिम देशों में इस दरिंदगी की सजा सजा-ए-मौत है। इस्लाम में इसे इतना बड़ा अपरधा औऱ गुनाह बताया गया है। युवा मंच ने कहा कि इस घटना का मुस्लिम समुदाय ने खुलकर विरोध किया है। ऐसे कई मामले दुष्कर्म के हैं, जहां दूसरे धर्म के लोग भी आरोपी हैं। लेकिन ऐसे मामले को धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

मुसलमानों को टारगेट कर मुस्लिम कम्युनिटी को बदमाम किया जा रहा 

कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर धर्म की राजनीति कर रहे हैं, हम इसका विरोध करेंगे। कहा जो ऐसे अपराध करता है, वो मुसलमान नहीं हो सकता। पीसी में शाहिद अली ने कहा कि कानून किसी अपराधी को धर्म के आधार पर नहीं देखता। रांची समेत पूरे हिंदुस्तान में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि किसी भी घटना को धर्म से जोड़ा जाता है। धर्म के आधार पर चीज़ें सामने आती हैं। नेताओं के द्वारा मुसलमानों को टारगेट कर मुस्लिम कम्युनिटी को बदमाम किया जाता है। अपराधी किसी भी कौम का हो उसे अपराधी के तरह देखने चाहिए। उसपर कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे जघन्य मामले में आरोपियों को फांसी दी जाए। मुस्लिमों को टारगेट करके नाम गिनाया जा रहा है। इसका विरोध किया जायेगा। प्रेस वार्ता में एस अली, शाहिद अली के साथ अन्य लोग थे।

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