द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के MGM अस्पताल में पानी की गंभीर समस्या को लेकर विधानसभा में जोरदार चर्चा हुई। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने अस्पताल में हो रही पानी की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि बिना समुचित पानी की व्यवस्था किए अस्पताल का उद्घाटन क्यों किया गया और अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकार किया कि अस्पताल में पानी की समस्या है। उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी थी, जबकि नई बिल्डिंग थोड़ी ऊंचाई पर बनाई गई है, जिसके कारण पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। डीप बोरिंग भी कराई गई, लेकिन उससे भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। मंत्री ने कहा कि पानी की समस्या को हर हाल में दूर किया जाएगा और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब अस्पताल का उद्घाटन हुआ था, उस समय वे मंत्री नहीं थे, फिर भी पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जमशेदपुर पूर्वी विधायक पूर्णिमा साहू ने प्रसव वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाते हुए मंत्री से स्वयं जाकर निरीक्षण करने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि नया अस्पताल बना है और प्रसव वार्ड में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं है। वहीं, विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि पानी की समस्या गंभीर है। उन्होंने सुझाव दिया कि टाटा स्टील से बातचीत कर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है, क्योंकि टाटा स्टील द्वारा लेमना क्षेत्र से पानी की आपूर्ति की जाती है और क्षेत्र के छह विधायक मिलकर इस दिशा में पहल कर सकते हैं। मंत्री इरफान अंसारी ने आश्वासन दिया कि छह महीने के भीतर पानी की स्थायी व्यवस्था कर दी जाएगी। साथ ही, अस्पताल में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, जिसके चालू होते ही स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील से भी बातचीत कर पानी की समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
.jpg)