द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कर रही CID ने शुक्रवार को प्रश्न पत्र छापने वाली एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह के करीबी मिथिलेश कुमार पांडेय (Mithilesh Kumar Pandey) को गिरफ्तार किया है। मूलरूप से बोकारो जिला के हरला के रहने वाले मिथिलेश कुमार पांडेय पर कई अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रश्नों का उत्तर दिलाने का आरोप है। इससे पहले CID मिथिलेश सिंह के करीबी रितेश कुमार को पकड़ चुकी है। शुक्रवार को पकड़े गए मिथिलेश कुमार पांडेय से CID की पूछताछ जारी है।

प्रिटिंग प्रेस से प्रश्न पत्र कैसे लीक हो गया!
जानकारी के मुताबिक अधिकारी आरोपियों को रिमांड पर लेकर प्रिटिंग प्रेस से पेपर लीक होने की पूरी कड़ी और गिरोह के बाकी सदस्यों की भूमिका के बारे में जानने के लिए गहन पूछताछ करना चाहते हैं। मिथिलेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही JSSC CGL गड़बड़ी प्रकरण में गिरफ्तारियों की संख्या अब 20 तक पहुंच गई है। बिहार के भोजपुर जिला निवासी रितेश कुमार को गुरुवार को CID ने गिरफ्तार किया था। रितेश कुमार पर 30 से ज्यादा अभ्यर्थियों को बोकारो में गुप्त ठिकाने पर रखकर उत्तर रटवाने का आरोप है।
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JSSC-CGL परीक्षा में लगे थे गड़बड़ी के आरोप
JSSC CGL परीक्षा में शुरुआत से ही गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं। तब की जांच टीम ने अपनी फाइंडिंग में पाया था कि JSSC CGL परीक्षा में पेपर लीक का झांसा देकर कुछ अभ्यर्थियों से पैसों की वसूली की गई थी, लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ था। हालांकि, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन के बीच CID ने JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच तेज की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
इस मामले में पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी को 22-23 जुलाई 2026 की दरमियानी रात गिरफ्तार किया गया था। इस केस में अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया है।