रांची
झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आज मानवता की मिसाल पेश की। दरअसल, वे रामगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रांची से जा रहे थे। इसी दौरान चुटुपालू घाटी में उनकी नजर सड़क किनारे हुए एक दर्दनाक हादसे पर पड़ी। वहां एक महिला और उसका छोटा बच्चा गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे तड़प रहे थे। आसपास मौजूद लोग स्थिति को देख तो रहे थे, लेकिन समय तेजी से निकल रहा था।
मानवता की मिसाल
घायलों की हालत देखकर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बिना एक पल गंवाए अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर महिला और बच्चे की स्थिति का जायजा लिया। मानवीय संवेदना और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उन्होंने दोनों घायलों को अपने कार्केड वाहन में बैठाया और तत्काल सैनी होटल के समीप स्थित आपातकालीन सेवा अस्पताल पहुंचाया।
खुद खड़े रहकर मंत्री ने शुरू कराया उपचार
अस्पताल पहुंचने के बाद भी मंत्री वहीं रुके रहे और चिकित्सकों को घायलों का समुचित एवं बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से भी लगातार संपर्क बनाए रखा ताकि इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो। मंत्री योगेंद्र प्रसाद की यह संवेदनशील पहल न केवल एक जनप्रतिनिधि के कर्तव्य का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि संकट की घड़ी में मानवता ही सबसे बड़ा धर्म होती है। उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों ने भरपूर सराहना की और इसे संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल बताया।