द फॉलोअप डेस्क
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज ददई दुबे के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। जहां उन्होंने पुष्प चक्र अर्पित किया और परिजनों से भी मुलाकात कर शोक संवेदनाएं प्रकट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि "ददई दुबे जी नाम से लोकप्रिय, चंद्रशेखर दुबे जी ने मजदूर संगठन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मजदूरों, वंचितों और समाज के कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई पूरे दमखम से लड़ी थी। वे एक जुझारू, संवेदनशील और कर्मठ नेता थे, जिन्होंने हमेशा जन सरोकारों को प्राथमिकता दी"। 
बता दें कि झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व सांसद और इंटक नेता ददई दुबे का दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और इलाज के क्रम में उन्होंने राजधानी में बीते दिन गुरुवार की संध्या अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से झारखंड की सियासत और श्रमिक संगठनों में शोक की लहर है।
चंद्रशेखर दुबे, जिन्हें ददई दुबे के नाम से जाना जाता था, का जन्म 2 जनवरी 1946 को हुआ था। वे बिश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे। झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर चुके थे। वर्ष 2013 में हेमंत सोरेन सरकार में उन्हें राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।
ददई दुबे 14वीं लोकसभा में धनबाद लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। वे लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े रहे और पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। साथ ही, वे इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोयला मजदूर संघ के महासचिव भी थे और श्रमिक आंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। दुबे नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य भी थे, जिन्हें झारखंड विधानसभा अध्यक्ष द्वारा नामित किया गया था।