नंदलाल तुरी
पाकुड़ समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला कारा सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक, काराधीक्षक, संबंधित विभागीय पदाधिकारी तथा सुरक्षा प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में काराधीक्षक ने कारा की अद्यतन स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की संख्या, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा विभिन्न सुरक्षा बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उपायुक्त ने कहा कि कारा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुरक्षा ऑडिट से संबंधित पूर्व के दिशा-निर्देशों की समीक्षा की तथा नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कारा परिसर में अवैध वस्तुओं की रोकथाम हेतु तलाशी अभियान को और सख्त करने के निर्देश दिए। सभी सुरक्षा पोस्ट, बैरक और मुख्य द्वार की नियमित एवं बारीकी से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। उच्च स्तरीय निगरानी के लिए विशेष तलाशी दल गठित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। बैठक में न्यायालय द्वारा “Inhuman Conditions” से संबंधित निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई। मॉडल जेल मैन्युअल–2016 के मानकों के अनुरूप नया कारा भवन निर्माण हेतु भूमि चिन्हित करने का कार्य प्रगति पर है।
कारागार में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए RSETI पाकुड़ द्वारा वर्ष 2025 में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए
03 मार्च–19 मार्च: 35 बंदियों को साबुन, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर एवं डिटर्जेंट निर्माण का प्रशिक्षण
19 मार्च–28 मार्च: 33 बंदियों को फास्ट-फूड निर्माण
09 अप्रैल–18 अप्रैल: 33 बंदियों को अगरबत्ती निर्माण
05 मई–24 मई: 32 बंदियों को मोमबत्ती निर्माण
21 जून–02 जुलाई: 25 पुरुष एवं 06 महिला बंदियों को पेपर कवर, एनवलप एवं फाइल मेकिंग का प्रशिक्षण
काराधीक्षक ने बताया कि मंडल कारा, पाकुड़ में कुल 06 वॉच टावर अनुमोदित हैं और सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी टावरों पर जिला बल की प्रतिनियुक्ति अत्यंत आवश्यक है। बैठक में महिला बंदियों और उनके साथ रहने वाले बच्चों के लिए विशेष चिकित्सकीय देखभाल, पौष्टिक आहार, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित शौचालय, प्ले-एरिया एवं विश्राम कक्ष जैसी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही काराधीक्षक को निर्देश दिया गया कि संसीप्त बंदियों की समय पर चिकित्सा, भोजन व पेयजल व्यवस्था, रात्रि चौकसी तथा हाई-रिस्क बंदियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कारा प्रशासन सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करे। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमित निगरानी अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
