द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग की टीम ने 3,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ACB की ट्रैप टीम द्वारा की गई। गिरफ्तारी के बाद जब सतीश कुमार के सरकारी आवास की तलाशी ली गई, तो वहां से 2,38,500 रुपये नकद बरामद किए गए। इस राशि को लेकर जब उनसे पूछताछ की गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद उक्त राशि को जब्त कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दादपुर ग्राम पंचायत निवासी उज्जवल कुमार सिन्हा ने ACB हजारीबाग कार्यालय को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका डेटसन रेडी-गो वाहन (JH01 DG/8944) 14 मार्च 2024 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण में ममता वाहन सेवा के लिए अनुबंधित (MOU) हुआ था। इसके तहत वे नियमित रूप से अपनी सेवा दे रहे थे। 14 मार्च 2024 से 20 अक्टूबर 2024 तक की सेवा का भुगतान उन्हें 23 दिसंबर 2024 को उनके बैंक खाते में प्राप्त हुआ।
इसके बाद 21 अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक की सेवा का भुगतान लंबित है। जब उन्होंने बकाया भुगतान के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सतीश कुमार से संपर्क किया, तो उन्होंने इसके एवज में 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की। उज्जवल कुमार रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।
ACB द्वारा की गई विधिवत जांच में पुष्टि हुई कि डॉ. सतीश कुमार ने उज्जवल कुमार सिन्हा से 3,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग थाना कांड संख्या 07/25, 30 जून को केस को दर्ज किया गया। इसके बाद ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई करते हुए डॉ. सतीश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, CHC चौपारण को 3,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
