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छठियार कराम में शामिल हुए मंत्री इरफान अंसारी, आदिवासी संस्कृति के संग थिरके कदम

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जामताड़ा
डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा जिले के सहरडाल पर्वतपाड़ा में आयोजित छठियार कराम कार्यक्रम में शामिल होकर आदिवासी समाज के बीच मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में आसपास के गांवों और पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। मंत्री के आगमन पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार उनका स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों के बीच वे ग्रामीणों के साथ पदयात्रा करते हुए तालाब तक पहुंचे और फिर जुलूस के साथ गांव लौटे। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छठियार कराम आदिवासी समाज की सामूहिक परंपरा है, जिसमें पूरे गांव के बच्चों का संस्कार एक साथ होता है और दूर-दराज के कुटुंबों को आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने इसे सामाजिक एकता और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक बताया।


मंत्री ने कहा कि वे लगातार तीसरी बार जामताड़ा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इसमें आदिवासी समाज का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के मान-सम्मान और अधिकारों की लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।
कार्यक्रम में राजनीतिक सलाहकार निशपती हसदा, सिद्धू-कान्हू संगठन के सचिव कुड़ुस अंसारी, जयराम हसदा, ग्राम मांझी हरन सुबोध हेंब्रम, योग मांझी शिवलाल टुडू, वार्ड पार्षद सुबोध हेंब्रम, कालिदासी मुर्मू, सनातन सोरेन और रामलाल किस्कू सहित कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक उत्साह, सामाजिक सौहार्द और सामूहिक एकता के संदेश के साथ हुआ।

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