जमशेदपुर:
Jamsedpur News Today: जमशेदपुर से ताजा अपडेट है की 734 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी (scrap dealer) ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया। गुरुवार देर रात दोनों को हिरासत में लेने के बाद ईडी (ED) की टीम करीब 12 बजे एमजीएम अस्पताल (MGM Hospita) पहुंची, जहां उनका मेडिकल कराया गया। इसके बाद दोनों को लेकर ईडी की टीम रांची रवाना हो गयी।
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एमजीएम अस्पताल में बबलू जायसवाल और बेटे ने किया हंगामा
इससे पहले अस्पताल परिसर में ज्ञानचंद जायसवाल और उनके बेटे ने खूब हंगामा किया। दोनों ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताते हुए खुद को फंसाये जाने का आरोप लगाया। बबलू जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है, लेकिन उन्हें दवाई तक नहीं दी गयी।
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बिष्टुपुर में कारोबारी के ठिकानों पर सुबह से छापेमारी
जमशेदपुर में ईडी की कार्रवाई का मुख्य केंद्र बिष्टुपुर रहा। टीम ने सुबह करीब साढ़े छह बजे होटल सोननेट के सामने स्थित ज्योति अपार्टमेंट में ज्ञानचंद जायसवाल के मकान और आवासीय कार्यालय की तलाशी शुरू की। इसके अलावा बिष्टुपुर के एन रोड स्थित बीएस टावर के ग्राउंड फ्लोर पर कारोबारी के फ्लैट और उनके अकाउंटेंट संजय पारेख के ठिकाने पर भी छापेमारी की गयी। देर रात तक चली कार्रवाई में ईडी के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। सभी ठिकानों पर सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान तैनात किये गये थे।
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कंप्यूटर, लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने कारोबारी के ठिकानों से दस्तावेजों के अलावा कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। संबंधित लोगों से पूछताछ भी की गयी। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को जीएसटी घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी है। हालांकि, ईडी की ओर से बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों का विस्तृत ब्योरा अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
देवघर और कोलकाता में भी ईडी की कार्रवाई
इस दौरान ईडी की कार्रवाई केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रही। देवघर में विकास चटर्जी के नंदन पहाड़ स्थित आवास और बीएन झा पथ स्थित कार्यालय में भी तलाशी ली गयी। वहीं, कोलकाता में भी दो ठिकानों पर ईडी की टीम ने कार्रवाई की। एक साथ कई शहरों में हुई इस कार्रवाई को जीएसटी आईटीसी घोटाले की जांच के अगले चरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
समन के बाद भी पूछताछ में नहीं पहुंचे, फिर हुई छापेमारी
जांच के दौरान ईडी ने ज्ञानचंद उर्फ बबलू जायसवाल और अन्य संबंधित कारोबारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। एजेंसी के अनुसार, समन के बावजूद पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होने के बाद उनके ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गयी। हालांकि, इस संबंध में आरोपियों का पक्ष भी सामने आया है। एमजीएम अस्पताल में ज्ञानचंद जायसवाल ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने अपना ब्लड प्रेशर बढ़ा होने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें दवा नहीं दी जा रही है।
पहले भी हो चुकी है ईडी की कार्रवाई, 29 लाख कैश जब्त
गौरतलब है कि इस मामले में ज्ञानचंद जायसवाल के खिलाफ पहले भी ईडी कार्रवाई कर चुकी है और उन्हें पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान एजेंसी अब तक 29 लाख रुपये नकद जब्त कर चुकी है। इसके अलावा फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में जमा करीब 63 लाख रुपये जब्त करने के साथ करोड़ों रुपये की राशि फ्रीज किये जाने की बात भी सामने आयी है।
135 शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ा है पूरा मामला
इस पूरे मामले की जड़ 135 कागजी यानी शेल कंपनियों के नेटवर्क से जुड़ी बतायी जा रही है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिये करीब 500 करोड़ रुपये के फर्जी चालान जारी किये गये और इनके आधार पर 734 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। इस कथित फर्जीवाड़े का खुलासा सबसे पहले जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), जमशेदपुर की जांच में हुआ था। इसके बाद मामला आगे की जांच के लिए ईडी तक पहुंचा।