रामगढ़
पतरातू क्षेत्र में एक बड़ी आपराधिक साजिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह खुलासा हुआ कि एमजीसीपीएल कंपनी के ओवरब्रिज निर्माण स्थल पर दोबारा फायरिंग की योजना बनाई जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, 29 मार्च 2026 को हुई फायरिंग के बाद भी कंपनी ने बिना किसी दबाव के काम दोबारा शुरू कर दिया था, जिससे नाराज राहुल दुबे गिरोह फिर से हमले की तैयारी में जुट गया था। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर पूरे अनुमंडल क्षेत्र में सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान रेलवे ओवरब्रिज के पास एक कार और मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया गया।
पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक लोडेड देशी रिवाल्वर, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले भी फायरिंग की घटना में शामिल थे और दोबारा वारदात को अंजाम देने जा रहे थे।

छापेमारी में कुल 7 आरोपी गिरफ्तार, साजिश पूरी तरह नाकाम
गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने आगे छापेमारी कर कुल 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक देशी पिस्टल, अतिरिक्त कारतूस, कार, लैपटॉप और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पहले भी कर चुके हैं फायरिंग, लेवी के लिए बना रहे थे दबाव
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले भी लेवी वसूली को लेकर फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। एक आरोपी ने होली से पहले कुज्जू क्षेत्र में एक घर पर फायरिंग करने की बात भी स्वीकार की है।
रामगढ़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि राहुल दुबे गैंग और अन्य आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
