द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले में अवैध खनन और बालू के काले कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त और जिला खनन पदाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद शनिवार को प्रशासन की टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिंदपाथर थाना क्षेत्र से लगभग 9000 सीएफटी अवैध बालू जब्त किया। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9:18 बजे माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में थाना प्रभारी विकास कुमार यादव के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी शामिल थे। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने फतेहपुर अंचल के ग्राम तुम्बाबेला (पोस्ट गुहियाजोड़ी) में औचक छापेमारी की। टीम जैसे ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय तुम्बाबेला के पास पहुंची, वहां भारी मात्रा में बालू का अवैध भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने जब ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की, तो किसी ने भी बालू भंडारण करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी नहीं दी।
जिला खनन कार्यालय ने स्पष्ट किया कि तुम्बाबेला क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को बालू भंडारण के लिए कोई लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) जारी नहीं की गई है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि बालू को नदी से अवैध रूप से उठाकर यहां जमा किया गया था। प्रशासनिक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधिवत जब्ती सूची तैयार की और लगभग 9000 सीएफटी बालू को जब्त कर लिया। सुरक्षा के मद्देनजर जब्त बालू को ट्रैक्टरों की सहायता से थाना परिसर पहुंचाया गया। जिला प्रशासन ने कहा कि बिना अनुमति बालू का भंडारण करना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 तथा झारखंड मिनरल नियम, 2017 के नियम 9 का गंभीर उल्लंघन है। फिलहाल पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
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