द फॉलोअप डेस्क
लोहरदगा जिले के ग्रामीण इलाकों में बॉक्साइट लदे हाईवा वाहनों के परिचालन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन महीनों से यह मामला गंभीर होता गया है और अब ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन सड़कों के निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी थी, उन्हीं सड़कों का उपयोग अब कंपनियां अपने व्यावसायिक हित में कर रही हैं। पहले 8 से 12 फीट चौड़ी सड़क को बढ़ाकर लगभग 33 फीट कर दिया गया, जिससे कई लोगों की जमीन प्रभावित हुई।
इसके बावजूद न तो मुआवजा दिया गया और न ही उनकी सहमति ली गई। विरोध अब उग्र रूप ले चुका है। ग्रामीणों ने कई जगहों पर सड़क जाम कर हाईवा वाहनों के आवागमन को रोक दिया है और ट्रकों को गांव की सड़कों से गुजरने नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा और उनकी सहमति नहीं ली जाएगी, तब तक वे बॉक्साइट लदे वाहनों का विरोध जारी रखेंगे।