द फॉलोअप डेस्क
लातेहार जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जब प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के 9 उग्रवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इन उग्रवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। इनमें एक AK-56, चार AK-47, तीन SLR, दो 303 राइफल, और एक 30.60 एमआई राइफल सहित कुल 12 हथियार, 1782 गोलियां और 26 मैगजीन शामिल हैं।
सरेंडर करने वाले उग्रवादियों में जेजेएमपी के जोनल कमांडर रविंद्र यादव, सब जोनल कमांडर अखिलेश यादव, बलदेव गंझू उर्फ अमरेश गंझू उर्फ चशमली, मुकेश राम उर्फ कल्लू उर्फ रवि उर्फ आजाद, पवन उर्फ राम प्रसाद, एरिया कमांडर धूरू जी उर्फ राजू राम उर्फ गार्जियन, विजय यादव, श्रवण सिंह उर्फ पारस सिंह और मुकेश गंझू के नाम शामिल हैं। इन उग्रवादियों पर राज्य सरकार ने कुल 23 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
सरेंडर करने वाले उग्रवादियों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ‘नयी दिशा’ से प्रभावित होकर यह कदम उठाया। यह पहली बार है जब किसी उग्रवादी संगठन के इतने सदस्य एक साथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं, जो झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने इस सफलता को पुलिस की लगातार सक्रियता और नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि लातेहार अब उग्रवाद से मुक्त जिला बन गया है। पुलिस ने सभी उग्रवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने सीआरपीएफ 11 बटालियन के पुलिस महानिरीक्षक साकेत कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक अभियान रांची माइकल राज एश, पुलिस महानिरीक्षक पलामू सुनील भास्कर, पुलिस उपमहानिरीक्षक नौशाद आलम, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और डीडीसी मो सैयद रियाज अहमद के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
