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हजारीबाग में 100 वर्षों से रुका भूमि सर्वेक्षण, डीसी को ज्ञापन देकर जताई नाराज़गी

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के उतरी छोटानागपुर प्रमंडल में, हजारीबाग में भूमि सर्वेक्षण कार्य पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से लंबित है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर हजारीबाग के इचाक प्रखंड के दरिया गांव निवासी, किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त सह प्रभारी बंदोबस्त पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बंदोबस्त कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नियम संगत और पारदर्शी तरीके से सर्वे कार्य कराने की मांग की गई है। बताते चलें कि, किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक और सचिव को भी भेजी है। इस ज्ञापन में कहा गया है कि हजारीबाग में इतने लंबे समय से भूमि सर्वे लंबित रहने के कारण, आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं और किसानों व रैयतों को कानूनी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है।


वहीं, ज्ञापन के माध्यम से हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है। बताया गया है कि वर्तमान समय में कार्यालय में लगभग 60 कर्मी कार्यरत हैं। इनमें तीन कानूनगो, 15 परिमाप निरीक्षक, छह सर्वेयर, छह मुंसरिम, तीन मोहर्रिर, नौ निम्नवर्गीय लिपिक, तीन प्रतिलिपिक और कई दैनिक कर्मी शामिल हैं। इसके बावजूद भी भूमि सर्वे का काम प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
वहीं, ज्ञापन में कई गंभीर आरोप भी लगाया गया है। जैसै, नियमों के विरुद्ध एक ही कर्मी को कई जगहों पर तैनात किया जाना। साथ ही, बरही और पदमा प्रखंड में तस्दीक शिविर के साथ-साथ धारा 89 का कार्य भी चल रहा है। आरोप है कि तस्दीक शिविर में प्रतिनियुक्त कर्मियों को गलत तरीके से धारा 89 के कार्यों में भी लगाया गया है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.


आगे ज्ञापन में बंदोबस्त मुख्यालय में प्रधान पेशकार के पद पर कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक राजेश कुमार का विशेष रूप से भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि राजेश कुमार मुख्यालय में रहते हुए बरही और पदमा दोनों प्रखंडों में तस्दीक शिविर, धारा 83 और धारा 89 के कार्यों में प्रधान पेशकार के रूप में कार्यरत हैं। इस तरह वे एक साथ पांच जगहों पर कार्य कर रहे हैं। यह विभागीय नियमावली के खिलाफ बताया गया है।
आगे ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि, रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में तस्दीक शिविर और आपत्ति शिविर (धारा 83) में निम्नवर्गीय लिपिक दीपू कुमार को पेशकार के रूप में नियुक्त किया गया है। जिसे विभागीय पत्र संख्या 09 सर्वे 2010 के आदेश का उल्लंघन बताया गया है।

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