द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत कुरता पंचायत के कुरता गांव में भूमि समतलीकरण योजना में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। कुरता गांव निवासी देव हेम्ब्रम के नाम पर स्वीकृत योजना में बिना किसी प्रकार का कार्य कराए ही एक 1.33 लाख रुपये की राशि की निकासी कर ली गई। आश्चर्य की बात यह है कि योजना के वास्तविक लाभुक देव हेम्ब्रम को इस निकासी की जानकारी तक नहीं थी।

जानकारी के अनुसार, योजना का उद्देश्य किसानों की जमीन को समतल कर कृषि कार्य को सुगम बनाना था, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके। लेकिन स्थल निरीक्षण में जमीन पर समतलीकरण का कोई स्पष्ट कार्य नहीं पाया गया। मजदूरों की उपस्थिति या कार्य से संबंधित कोई ठोस प्रमाण भी प्रारंभ में नहीं मिले। इसके बावजूद योजना की राशि की निकासी कर ली गई, जिससे पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मामला सार्वजनिक होने के बाद संबंधित पक्षों द्वारा आनन-फानन में जमीन पर कुछ मजदूरों को काम में लगाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य शुरू कराने के दौरान अधिकांश मजदूर नाबालिग थे, जो श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। लाभुक देव हेम्ब्रम ने बताया कि उनके खेत में पहले कोई काम नहीं हुआ था और न ही उन्होंने किसी निकासी की सहमति दी थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से योजना की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने, अवैध निकासी की राशि की वसूली करने तथा नाबालिगों से कराए गए कार्य की भी जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
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