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कुशमही हिंसा मामले में 8 दिन में कार्रवाई का भरोसा, आदिम जनजातियों का धरना फिलहाल स्थगित

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गढ़वा
मेराल प्रखंड के कुशमही गांव में विशेष रूप से कमजोर आदिम जनजातीय समूह (PVTG) के कोरवा एवं परहिया समुदाय के लोगों पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। उपायुक्त गढ़वा के साथ हुई विस्तृत वार्ता में प्रशासन ने घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ आठ दिनों के भीतर सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। उपायुक्त ने वार्ता के दौरान कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए मेराल थाना प्रभारी आवश्यक कदम उठाएं।
बैठक में ग्रामीणों की ओर से जिन अन्य आरोपियों के नाम प्रशासन के समक्ष रखे गए, उनमें विनय यादव, कमलेश यादव, संजय यादव, अजय यादव, बुद्धू यादव, सुदामा राम, सुखदेव राम तथा प्रमोद यादव शामिल हैं। सभी गोबरदाहा गांव के निवासी बताए गए हैं।

विभागीय कार्रवाई की जाएगी
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मामले में वन विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उत्तरी वन प्रमंडल गढ़वा के प्रभागीय वन पदाधिकारी (DFO) को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा 26 जुलाई की घटना के दौरान पुलिस बल के साथ मौजूद मजिस्ट्रेट कुस केसरी (एई, मनरेगा) एवं बिंदेश्वरी पासवान (हल्का कर्मचारी) की भूमिका की विभागीय जांच कराने का भी निर्देश दिया गया है। वार्ता के दौरान उपायुक्त ने वन विभाग को निर्देश दिया कि गढ़वा जिले में किसी भी ग्रामसभा क्षेत्र में ग्रामसभा की पूर्व, स्वतंत्र एवं सूचित सहमति के बिना वनरोपण या अन्य वन संबंधी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही धरना के दौरान सौंपे गए 12 सूत्री मांगपत्र पर जिला स्तर से संबंधित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
हमले में घायल केश्वर परहिया एवं बिरेंद्र कोरवा के बेहतर उपचार की व्यक्तिगत निगरानी की जिम्मेदारी भी उपायुक्त ने ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

फिलहाल अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने का निर्णय लिया
प्रशासन की ओर से मिले ठोस आश्वासन और निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई के वचन के बाद ग्रामसभा कुशमही एवं धरनारत ग्रामीणों ने फिलहाल अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आठ दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामसभा और आदिवासी संगठन आगे की लोकतांत्रिक रणनीति तय करेंगे। वार्ता में सामुदायिक वन प्रबंधन फेडरेशन, गढ़वा के अध्यक्ष मानिक चंद कोरवा, अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के केंद्रीय सचिव फिलिप कुजूर, केंद्रीय सदस्य कविता सिंह खरवार, अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति के हरेंद्र कोरवा सहित ग्रामसभा कुशमही के सदस्य एवं विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Tags - Garhwa Kushmahi PVTG Korwa Protest