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भारी बारिश से रोकी गई केदारनाथ यात्रा, बद्रीनाथ हाईवे पर भी भूस्खलन, 4 जिलों में अलर्ट

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द फॉलोअप डेस्क 

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रियों की रफ्तार पर विराम लगा दिया है। रविवार को प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया। यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है। वहीं, बद्रीनाथ जाने वाला मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। सावधानी के तौर पर एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। गौरीकुंड में मलबा हटाने का काम जारी है ताकि जल्द से जल्द यात्रा को फिर से शुरू किया जा सके।

अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, बिजली-पानी प्रभावित

रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, हालांकि फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे बह रही है। दूसरी ओर, कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है। बीते दिनों बरकोट के पास बादल फटने की घटना भी सामने आई थी। वहीं सोनप्रयाग में पिछले सप्ताह हुए भूस्खलन के दौरान केदारनाथ से लौट रहे 40 से अधिक श्रद्धालु फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला।

चार जिलों में भूस्खलन का खतरा, सतर्कता बढ़ी

उत्तराखंड के टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में 7 और 8 जुलाई को भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। गौरतलब है कि केदारनाथ यात्रा हिंदू धर्म की प्रमुख तीर्थ यात्राओं में शामिल है। यह मंदिर 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और चार धामों तथा 12 ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है।

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