अभ्यर्थियों से एग्जाम फीस के पैसे वसूलकर सोया हुआ है जुडको
हर उम्मीदवार से 2000 रुपये ली गयी थी आवेदन फीस
सिर्फ सिविल इंजीनियर पद के उम्मीदवारों से जुडको ने आवेदन फीस के रूप में वसूल हैं 62 लाख 72 हजार रुपये
दयानंद राय
झारखंड में बेरोजगार युवाओं से खेला कैसे जाता है यह जुडको को अच्छी तरह पता है। जुडको ने वर्ष 2018 में जूनियर इंजीनियर के 141 पदों के लिए बहाली निकाली थी। इसके लिए हर उम्मीदवार से आवेदन फीस के 2000 रुपये लिए गए। इसका फार्म भरे आवेदकों को पांच साल से ज्यादा हो गये पर आज तक न तो इसकी परीक्षा हुई है और न आवेदकों को इस संबंध में कोई जानकारी दी गयी है। यानि बेरोजगार युवाओं से नौकरी देने के नाम पर पैसे वसूलने के बाद जुडको कान में तेल डालकर सो गया।

कुछ पता नहीं चल रहा कि एग्जाम होगा या नहीं
बूटी मोड़ निवासी आशीष रंजन सिंह ने बताया कि जुडको की ओर से जूनियर इंजीनियर के पद पर बहाली निकलने के बाद उन्होंने बड़ी उम्मीद से इसके लिए फार्म भरा था। फार्म भरे पांच साल से ज्यादा हो गये पर न एग्जाम लिया गया है और न कोई जानकारी दी गयी है। चूंकि यह नौकरी अनुबंध पर थी और केवल तीन वर्षों के लिए थी इसलिए अब तक परीक्षा न होने से मन में कई तरह की शंका हो रही है। जुडको का चक्कर लगाने के बाद भी वहां से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला 2018 का है और उस समय सूबे में रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार चल रही थी।

सिविल इंजीनियर के 93 पदों के लिए 3136 युवाओं ने भरा था फार्म
आशीष ने बताया कि जूनियर इंजीनियर के 141 पदों में से 93 पद सिविल इंजीनियर के थे। इसके लिए 3136 युवाओं ने फार्म भरा था। प्रति उम्मीदवार 2000 रुपये के हिसाब से 62 लाख 72 हजार रुपये सिर्फ आवेदन फीस के जुडको ने ले लिए। पर उसके बाद न कोई जानकारी दी और न एग्जाम लिया। मैकेनिकल के 25 पद और इलेक्ट्रिकल के 23 पदों को जोड़ दिया जाए तो सिर्फ फीस की राशि करीब एक करोड़ हो जायेगी। यह बेरोजगार युवाओं के साथ नाइंसाफी नहीं तो क्या है। इस बाबत, जुडको के सीएमडी सुनील कुमार से उनके मोबाइल नंबर पर बात कर पक्ष लेने की कोशिश की गयी पर तीन बार कॉल करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।