द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) पिछले 9 वर्षों से आयोजित नहीं की गई है, जिससे लाखों अभ्यर्थी निराश और हताश हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्र युवा अधिकार संघ ने हजारीबाग के गांधी मैदान में एक बैठक आयोजित की, जहां सरकार के उदासीन रवैये के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। छात्रों का कहना है कि वे सभी NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थानों से B.Ed या D.El.Ed की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और JTET परीक्षा देने के लिए पूरी तरह से योग्य हैं।
संघ के सदस्य जीवन कुमार ने कहा कि सरकार की चुप्पी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह परीक्षा हर साल होनी चाहिए, लेकिन 2016 के बाद से आज तक कोई आयोजन नहीं हुआ है। रविंद्र पासवान ने कहा कि यह स्थिति न सिर्फ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन और जीविका का अधिकार) तथा अनुच्छेद 16 (सरकारी सेवा में समान अवसर) का भी सीधा उल्लंघन है।
विक्रम कुमार ने बताया कि सरकार ने JTET परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी कर 3.5 लाख छात्रों से आवेदन मंगवाए थे, लेकिन बाद में बिना कोई ठोस कारण बताए उसे रद्द कर दिया गया। इस फैसले से युवाओं में गहरी निराशा फैली है और उनका मनोबल भी गिरा है। छात्र नेताओं का कहना है कि बार-बार उम्मीद जगाकर फिर उसे तोड़ना मानसिक उत्पीड़न जैसा है।
बैठक में तय किया गया कि यदि जल्द ही सरकार परीक्षा आयोजन को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं करती है, तो राज्यभर में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जीवन कुमार यादव, रविंद्र पासवान, अभिषेक राज, सत्यम सिंह, विक्रम कुमार, विनय कुमार, नीरज, आदर्श आनंद और विष्णु मंडल सहित कई छात्र नेता मौजूद थे।
