JPSC Exam Scam: झारखंड (Jharkhand) में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी (SIT) को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से जुड़ी अलग-अलग एजेंसियों के बीच मिलीभगत थी। 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (JPSC Combined Civil Services Examination) के संचालन की मुख्य जिम्मेदारी आईटीआई लिमिटेड को सौंपी गई थी। हालांकि, मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अभय तिवारी के सिंडिकेट के जरिए टीडीपीएल (TDPL) को अंतिम परिणाम तैयार करने और इंटरव्यू आयोजित कराने की जिम्मेदारी दे दी गई। इस खुलासे के बाद परीक्षा प्रक्रिया में शामिल एजेंसियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है।

रिमांड पर आईटीआई लिमिटेड के प्रतिनिधि से पूछताछ
मामले में सीआईडी ने आईटीआई लिमिटेड के झारखंड प्रतिनिधि कृष्णा कुमार को गिरफ्तार किया था। बुधवार को विशेष अदालत से अनुमति मिलने के बाद उसे तीन दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के दौरान कृष्णा ने परीक्षा में गड़बड़ी और अनियमितताओं की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संबंध परीक्षा में कथित तौर पर गड़बड़ी करने वाली दूसरी एजेंसियों से भी थे। सीआईडी अब इन संबंधों की पड़ताल कर रही है, ताकि परीक्षा में अनियमितताओं की पूरी कड़ी को समझा जा सके।

जेपीएससी परीक्षा में अवैध वसूली के भी मिले साक्ष्य
सीआईडी को 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली के साक्ष्य भी मिले हैं। जांच एजेंसी रिमांड के दौरान कृष्णा कुमार से गहन पूछताछ कर रही है। इसका उद्देश्य पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना और परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ी बाकी कड़ियों का पता लगाना है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में किन-किन लोगों और एजेंसियों की भूमिका रही और कथित अनियमितताओं को किस तरह अंजाम दिया गया।