द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। इसी क्रम में आज हजारीबाग जिला झामुमो कार्यालय में एक शोक सभा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
हजारीबाग जिला झामुमो कार्यालय में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, पदाधिकारी और केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य एकत्र हुए। इस मौके पर सभी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन। संजीव बेदिया, जिला अध्यक्ष, झामुमो ने कहा, "दिशोम गुरु का हम सबके बीच से जाना एक अपूरणीय क्षति है। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता के प्रतीक थे। उन्होंने जीवन भर गरीबों, आदिवासियों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे साथ रहेंगे।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता भी झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने की। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। दिशोम गुरु के निधन से झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना को गहरा आघात पहुंचा है। लेकिन उनके विचार और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प आज हर कार्यकर्ता ने लिया।
