द फॉलोअप, गढ़वा:
झारखंड मुक्ति मोर्चा के गढ़वा जिला अध्यक्ष शंभू राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय के हस्ताक्षर से एक पत्र जारी किया गया है। पार्टी की ओर से जारी पत्र में विभिन्न जन संवाद माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गढ़वा जिले के वरीय नेताओं से प्राप्त सूचनाओं का हवाला देते हुए गढ़वा जिला अध्यक्ष शंभू राम पर संगठन विरोधी कार्यो का आरोप है। उनके ऊपर इस आरोप की जांच को लेकर झामुमो ने पांच सदस्यीय जांच कमिटी के गठन किया गया है। जांच कमिटी में केंद्रीय समिति सदस्य तनवीर आलम, मो. ताहिर अंसारी, जवाहर पासवान, राजकिशोर यादव और लल्लू राम को शामिल किया गया है। जांच कमिटी को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के साथ तस्वीर और वीडियो वायरल
दरअसल, सोशल मीडिया पर शंभू राम की गढ़वा विधानसभा से भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के साथ तस्वीर और वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद शंभू राम ने प्रेस वार्ता कर अपनी सफाई भी दी थी। हालांकि, देर रात एक और वीडियो वायरल होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। वायरल वीडियो में भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी और जेएमएम जिला अध्यक्ष शंभू राम आपस में बातचीत करते और हंसते हुए नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में विधायक को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, जब भी वे कुछ बोलते हैं, पूरा जेएमएम उन्हें गरियाने लगता है, जिसमें मुखिया जी यानि शंभू राम भी शामिल हैं। इस पर दोनों के बीच ठहाका लगता है।

“बोलबई न यार”
इसके बाद शंभू राम को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि पार्टी के लोग उनसे पूछते हैं कि विधायक के खिलाफ वे क्यों नहीं बोल रहे हैं। इस पर वे जवाब देते हैं “बोलबई न यार।” इसके बाद वे जोर से हंसते हुए नजर आते हैं। बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने इस बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा और जेएमएम के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और मामले की शिकायत रांची स्थित झामुमो के पार्टी कार्यालय तक पहुंची। इसके बाद 23 सितंबर को शंभू राम के ऊपर निलंबन की कार्रवाई की गई। फिलहाल, शंभू राम के खिलाफ लगे आरोपों की जांच पांच सदस्यीय कमिटी करेगी। अब सबकी नजरें कमिटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। द फॉलोअप वायरल वीडियो में बातचीत की पुष्टि नहीं करता है।
