रांचीः
पूजा सिंघल के ठिकानों पर ईडी के छापेमारी के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। पक्ष-विपक्ष लगातार एक दूसरे को दोषी ठहराने में लगे हैं। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूछा है कि ईडी की पूजा सिंघल के खिलाफ कार्रवाई शुरू होते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी कहां गायब हो गये हैं, दोनों खामोश क्यों है। दोनों कहां हैं। उन्हें अपनी मौजूदगी की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। वरिष्ठ झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का तो मोबाइल भी बंद है। इससे चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी शायद घबराए हुए हैं। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए ये बातें कही।

मुख्यमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है भाजपा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल मरांडी स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं, जो अनुचित है। दल-बदल का मामला न्यायाधिकरण में विचाराधीन है। स्पीकर न्यायाधिकरण से फैसला आने के बाद हाई कोर्ट जाने की बात समझ में आती है, लेकिन दल-बदल से संबंधित कार्रवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट जाने से ऐसा लग रहा है कि बाबूलाल मरांडी को आदिवासी मुख्यमंत्री के खिलाफ भाजपा इस्तेमाल कर रही है। खुद पूर्व में बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री पद से यह कहते हुए इस्तीफा दिया था कि उन्हें संताल आदिवासी होने के कारण काम नहीं करने दिया जा रहा है।