द फॉलोअप डेस्क, रांची
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा के सदस्य दीपक प्रकाश ने पर्यटन मंत्रालय से पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने से सम्बंधित जानकारी मांगी। प्रकाश ने पर्यटन मंत्रालय से जानना चाहा कि झारखंड़ सरकार से पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन स्थलों को अधिसूचित करने के सम्बंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके नियम या अधिनियमों की भी राज्यसभा सदस्य ने जानकारी मांगी।

स्वदेश दर्शन और तीर्थस्थल जीर्णोद्धार योजना के तहत झारखंड़ को मिला 69 करोड़ 24 लाख रुपये
प्रकाश के सवालों के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने झारखंड सहित देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए वर्ष 2014-15 में 'स्वदेश दर्शन' और 'तीर्थस्थान जीर्णोद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान योजनाओं की शुरुआत की थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड़ को 2018-19 में स्वदेश दर्शन, इको परिपथ विकास परियोजना के तहत इको परिपथ का विकास डालमा बेतला राष्ट्रीय उद्यान-मिर्चेया नेतरहाट -के लिए 30 करोड़ 11 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। वही बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के विकास के लिए प्रशाद परियोजना के तहत 2018-19 में झारखंड़ सरकार को 39 करोड़ 13 लाख रुपये दिए गए थे।
चुने गए 55 गंतव्यों में झारखंड का 'चांडिल' शामिल
केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में आगे जानकारी देते हुए बताया कि स्थायी एवं जिम्मेदार पर्यटन गंतव्यों के विकास के उद्देश्य से मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना को 'स्वदेश दर्शन 2.0 का नया रूप दिया गया है। पर्यटन मंत्रालय ने 19 अप्रैल 2022 के का.जा. द्वारा स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब तक मंत्रालय ने देश में स्वदेश 2.0 योजना के तहत विकास हेतु 55 गंतव्यों (destinations) को चिह्नित किया है, जिनमें झारखंड में 'चांडिल' शामिल है।

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