बेंगलुरु
झारखंड की सॉफ्टवेयर इंजीनियर पूजा दत्ता जो की बेंगलुरू में कार्यरत थीं, संदिग्ध परिस्थितियों में पाई गई। जांच में पाया गया कि वह डिप्रेशन में थी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या या किसी बाहरी हस्तक्षेप—दोनों कोणों से जांचा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या हुआ कि ऐसा कदम उठाना पड़ा
बेंगलुरु में किराये के फ्लैट में उसका खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस ने बुधवार को बताया कि जांच में पता चला है कि पूजा ने एक साल पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। तब से उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर रखा था। बाद में उसने अपना सिम कार्ड बदलकर नया नंबर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पिछले एक साल से उसका अपने परिवार या दोस्तों से कोई संपर्क नहीं था।उसके घर की तलाशी के दौरान, पुलिस को दीवारों पर अकेलापन, प्यार, भरोसा, संतुष्टि, शांति और अहंकार जैसे शब्द लिखे हुए मिले।
संदिग्ध युवक की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस उस युवक की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है जो अक्सर उसके घर आता-जाता था। जांच अधिकारियों को अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिससे यह पता चले कि उसकी हत्या की गई थी। इस बीच, पूजा दत्ता के स्वजन ने पुष्टि की है कि नौकरी छूटने के बाद से वह उनके संपर्क में नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि पूजा ने कोविड के दौरान अपने पति को खो दिया था और तब से वह सामान्य नहीं हो पा रही थी।