द फॉलोअप डेस्क
झारखंड प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के तहत पेपर-2 को लेकर अभ्यर्थियों में भारी भ्रम की स्थिति बन गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आज शाम लगभग 4 बजे अचानक सूचना जारी की गई, जिसमें बताया गया कि पेपर–2 की परीक्षा अगले ही दिन से आयोजित की जाएगी। इस अल्प सूचना ने खासकर दूर-दराज़ जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों, विशेष रूप से छात्राओं, की परेशानी बढ़ा दी है। अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने कम समय में रांची तक पहुंचना कैसे संभव है। ट्रेन टिकट पहले से उपलब्ध नहीं हैं, बस और अन्य साधनों में भी भारी भीड़ है। इस स्थिति में अभ्यर्थी सवाल कर रहे हैं "क्या बच्चे कोई मशीन हैं या फिर हवाई जहाज़ पकड़कर परीक्षा देने आएंगे?"
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। देर रात यात्रा, अनजान शहर और अचानक परीक्षा यह सब महिला अभ्यर्थियों के लिए जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा करता है। अभ्यर्थियों ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार “मंईयां योजना” जैसी योजनाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा जैसी गंभीर प्रक्रिया में एक दिन पहले सूचना देकर बच्चों को मानसिक और शारीरिक दबाव में डाला जा रहा है।परीक्षार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को चाहिए कि वह परीक्षा तिथियों की जानकारी पहले से स्पष्ट रूप से जारी करे, अभ्यर्थियों को यात्रा और ठहराव की पर्याप्त तैयारी का समय दे, और खासकर छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखे। अचानक लिए गए ऐसे फैसले न सिर्फ परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि हजारों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी करते हैं।
