गढ़वा/पाकुड़:
झारखंड में एक बार फिर परीक्षाओं का दौर शुरू हो रहा है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 का आयोजन रविवार, 1 नवंबर को किया जाएगा। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए गढ़वा और पाकुड़ जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों जिलों में कुल 56 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 20 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सीसीटीवी निगरानी और विधि-व्यवस्था बनाए रखने तक के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

गढ़वा में 26 केंद्रों पर होगी परीक्षा, धारा 163 लागू
गढ़वा जिले में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए कुल 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां करीब 10 हजार परीक्षार्थी दो पालियों में परीक्षा देंगे। परीक्षा के सफल संचालन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर जिले के तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों ने आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए हैं। उपायुक्त के संयुक्त आदेश के आलोक में परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। तीनों अनुमंडल दंडाधिकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी 26 परीक्षा केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि में सामान्य निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता, शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दो पालियों में होगी परीक्षा
गढ़वा में परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से परीक्षा के दौरान जारी निषेधाज्ञा और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा झारखंड अधिविद्य परिषद एवं जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने को कहा गया है।
पाकुड़ में 30 केंद्रों पर परीक्षा, डीसी ने किया निरीक्षण
इधर, पाकुड़ जिले में भी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मेघा भारद्वाज, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) एवं निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उपायुक्त ने मॉडल कॉलेज, पाकुड़, महिला कॉलेज एवं पीएम श्री मध्य विद्यालय, धनुषपूजा स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे, डिस्प्ले मॉनिटर, प्रकाश व्यवस्था, परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था और आवश्यक संकेतकों की उपलब्धता की जांच की।
सीसीटीवी कैमरों से होगी परीक्षा कक्षों की निगरानी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही उनकी कनेक्टिविटी और कार्यशीलता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षा कक्ष की गतिविधियां डिस्प्ले मॉनिटर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा या कमी नहीं रहनी चाहिए। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं का दोबारा सत्यापन करने को कहा गया है।
सघन जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश
परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले प्रत्येक परीक्षार्थी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सघन जांच (फ्रिस्किंग) की जाए। इसके साथ ही झारखंड अधिविद्य परिषद की ओर से जारी एसओपी एवं चेकलिस्ट के सभी बिंदुओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। दोनों जिलों के प्रशासन की ओर से परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अब रविवार को गढ़वा और पाकुड़ के कुल 56 केंद्रों पर करीब 20 हजार परीक्षार्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होंगे।