द फॉलोअप डेस्क
चंद्रयान-3 का श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से सफल लॉन्चिंग हुआ है। पूरा देश खुशी से झूम उठा। 4 साल बाद एक बार फिर भारत ने चांद पर छलांग लगाई है। आज पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इस मिशन में तोरपा के तपकरा गांव निवासी वैज्ञानिक सोहन यादव में शामिल हैं। सोहन ऑर्बिटर इंटीग्रेशन और टेस्टिंग टीम का अहम हिस्सा रहे। सोहन मिशन गगनयान से भी जुड़े हैं।

झारखंड के गांवों में छात्रों को स्पेस व रिसर्च पर इंटरेस्ट
सोहन ने पहले चंद्रयान-2 के पूरे स्पेस क्राफ्ट का एसेंबल से लेकर टेस्टिंग तक का काम किया। फिर चंद्रयान-3 से जुड़े। सोहन ने बताया कि चंद्रयान-3 लॉन्चिंग की तैयारी तभी शुरू हो गई,जब चंद्रयान-2 फेल हो गया था। चंद्रयान- 3 में मैं प्रोपल्शन सिस्टम को डेवलप करने में जुटा रहा। चंद्रयान-2 मिशन की असफलता से जो सीखा, उसे चंद्रयान-3 मिशन में अप्लाई करके अब इसरो के वैज्ञानिक चांद की धरती में सक्सेसफुली लैंडिंग करवाएंगे। फिलहाल में हायर स्टडी के लिए जर्मनी में हूं और वहां मेकाट्रोनिक्स एंड साइबर फिजिकल सिस्टम की पढ़ाई डेगॅडोर्फ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कर रहा हूं।

पिता ट्रक ड्राइवर थे
सोहन के पिता शिवशंकर यादव ट्रक ड्राइवर थे। मां देवकी देवी गृहिणी हैं। सोहन ने बिरसा शिशु विद्या मंदिर तपकरा से शुरूआती पढ़ाई की। इसके बाद वो जवाहर नवोदय विद्यालय मेसरा से डीएवी बरियातू होते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, केरल पहुंचे। जहां से इंजीनियरिंग करने के बाद इसरो में साइंटिस्ट बने और चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 अभियान से जुड़े। गरीबी के बाद भी सोहन की पढ़ाई के हौसले ने ही उसे स्पेस- साइंटिस्ट बनाने में मदद की। सोहन कहते हैं कि देश के सबसे प्रतिष्ठित स्पेस इंस्टीट्यूट का सफर मेरे लिए बहुत मुश्किलों भरा रहा। 10वीं तक की शिक्षा सरकारी स्कूल से की, इसलिए पढ़ाई में ज्यादा खर्च नहीं आया, लेकिन प्लस-2 में प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई और हॉस्टल में रहने के दौरान मेरी फैमिली को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।

चंद्रयान-2 के फेल होने के साथ ही 3 की तैयारी शुरू हो गई
जब चंद्रयान-2 से जुड़ा तो बहुत एक्साइटेड था। उसे बनते और उड़ते देखना मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन पल था। चंद्रयान-2 में तीन मॉड्यूल्स थे- ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। मैं चंद्रयान-2 के ऑविंटर से जुड़ा था। इसमें मेरा काम डिजाइन, डेवलपमेंट और क्वालिफिकेशन ऑफ प्रोपल्शन (प्रणोदन प्रणाली), जो चंद्रयान को गति देने के लिए लगाए गए बल का उत्पादन करता है।
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