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मतदाता सूची पुनरीक्षण पर JMM ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया में स्पष्ट निर्देश जारी को कहा 

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रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यान  SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। पार्टी ने विशेष रूप से गृह-गणना (Household Enumeration) चरण में चिन्हित किए जा रहे विसंगति और Unmapped (अमानचित्रित) मतदाताओं के दस्तावेज़ संग्रहण और सत्यापन प्रक्रिया पर स्पष्टता मांगी है। झामुमो ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में निर्वाचन अधिकारियों द्वारा इस विषय पर अलग-अलग व्याख्याएं की जा रही हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए तो बड़ी संख्या में मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता भी प्रभावित हो सकती है।


बिहार मॉडल का दिया हवाला
पार्टी ने पत्र में उल्लेख किया है कि बिहार में इसी प्रकार की पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान Anomaly एवं Unmapped मामलों में गृह-गणना चरण में ही आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त कर उनका अभिलेखीकरण किया गया था। इससे मतदाताओं को बाद की प्रक्रियाओं में दस्तावेज़ जमा करने की अतिरिक्त कठिनाई नहीं हुई और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने में मदद मिली।
झामुमो ने सवाल उठाया है कि क्या झारखंड में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है या फिर कोई अलग प्रक्रिया अपनाई जा रही है। यदि अलग व्यवस्था है तो उसके कानूनी, प्रशासनिक और प्रक्रियागत आधार को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।


चार प्रमुख बिंदुओं पर मांगा जवाब
पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया है। इनमें यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि क्या गृह-गणना चरण में ही Anomaly अथवा Unmapped मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज़ लिए जा सकते हैं। इसके अलावा यह भी पूछा गया है कि क्या इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEO), निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) तथा बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) को एक समान निर्देश जारी किए गए हैं।

एकरूप कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए कहा

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि अभी तक ऐसे निर्देश जारी नहीं हुए हैं तो राज्यभर में एकरूप कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए तत्काल स्पष्ट परिपत्र जारी किया जाना चाहिए। साथ ही यदि झारखंड में बिहार से अलग प्रक्रिया लागू है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
झामुमो ने कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और मतदाता हितैषी बनाए। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि निर्वाचन विभाग शीघ्र स्पष्टीकरण जारी कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करेगा, जिससे राज्यभर में एक समान प्रक्रिया लागू हो सके और मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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