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झारखंड में आज से सस्ता मिलेगा बालू! NGT के किस निर्णय से मिलेगी राहत...

झारखंड में आज से सस्ता मिलेगा बालू! NGT के किस निर्णय से मिलेगी राहत...

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
झारखंड में बालू की किल्लत और ऊंची कीमतों से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से बालू घाटों से उठाव पर लगाई गई रोक 15 अक्टूबर की आधी रात समाप्त हो गई है। इसके बाद 16 अक्टूबर से राज्य में उन बालू घाटों से वैध रूप से बालू का उठाव शुरू हो सकेगा, जिनकी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि वैध आपूर्ति बढ़ने से बाजार में बालू की उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों में 5,000 रुपये तक की कमी आ सकती है। हालांकि, वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने घाटों से नियमित रूप से बालू की आपूर्ति शुरू होती है।


रोक के दौरान ऊंचे दामों पर बिक रही थी बालू
एनजीटी की रोक के दौरान भी रांची समेत राज्य के कई इलाकों में बिहार के चालान और स्टॉकिस्टों के नाम पर बालू की कालाबाजारी जारी रहने की बात सामने आई। वर्तमान में 700 सीएफटी क्षमता वाले एक हाइवा बालू की कीमत 35 से 40 हजार रुपये तक बताई जा रही है। वहीं, 180 सीएफटी बालू वाले टर्बो ट्रक के लिए करीब 9,000 रुपये और 80 से 90 सीएफटी बालू के लिए लगभग 5,000 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इन ऊंची कीमतों के कारण मकान निर्माण कराने वाले लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोक हटने के बाद वैध आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


फिलहाल 14 बालू घाटों से ही शुरू हो सकेगा उठाव
रोक समाप्त होने के बावजूद शुरुआती चरण में राज्य के केवल 14 बालू घाटों से वैध उठाव हो सकेगा। सरकार की योजना 15 अक्टूबर तक अधिक से अधिक घाटों को परमिट, संचालन की सहमति (CTO), स्थापना की सहमति (CTE) और लीज डीड दिलाने की थी। हालांकि, कई संचालक CTO की प्रक्रिया में ही उलझे रह गए। कुल 40 घाटों को CTO मिल चुका है, लेकिन लीज डीड की प्रक्रिया केवल 14 घाटों के लिए पूरी हुई है। राजधानी रांची में 19 बालू घाटों की नीलामी हो चुकी है, लेकिन अब तक केवल एक घाट की लीज डीड पूरी हुई है, जबकि दूसरे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा दुमका के तीन, जमशेदपुर के दो, गोड्डा के तीन, रामगढ़ के तीन और हजारीबाग के दो घाटों की आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। ये वही घाट हैं, जो 10 जून को एनजीटी की रोक लगने से पहले संचालित थे।
290 घाटों की नीलामी पूरी, सरकार को 473 करोड़ राजस्व की उम्मीद
झारखंड में चिह्नित कुल 444 बालू घाटों में से अब तक 290 की नीलामी पूरी हो चुकी है। इनमें से 40 घाट ऐसे हैं, जहां ग्रामसभा समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के साथ पर्यावरणीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। सभी 290 घाटों की लीज डीड पूरी होने पर राज्य सरकार को एकमुश्त 473.31 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है। रांची, खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद समेत कई जिलों में नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब इन घाटों से संबंधित बाकी औपचारिकताएं पूरी होना महत्वपूर्ण होगा, ताकि वैध आपूर्ति का दायरा बढ़े और आम लोगों को बालू की ऊंची कीमतों से राहत मिल सके।

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