द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
झारखंड में न्यूनतम मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए राज्य सरकार ने नई दरें निर्धारित कर दी हैं। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत श्रमायुक्त कार्यालय ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के साथ संशोधित मजदूरी की अधिसूचना जारी की है। ये दरें एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। 15 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना संख्या 2/एम डब्ल्यू-2071/2010 (पार्ट-3), एल एंड टी-1603 के अनुसार, क्षेत्रवार और श्रेणीवार मजदूरी तय की गई है। क्षेत्र 'ए' में अकुशल श्रमिकों को अब 13,586 रुपये, अर्द्धकुशल को 14,253 रुपये, कुशल को 18,782 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों को 21,656 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। इसी तरह क्षेत्र 'बी' में अकुशल श्रमिकों के लिए 12,947 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 13,586 रुपये, कुशल के लिए 17,911 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों के लिए 20,669 रुपये मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है। क्षेत्र 'सी' में अकुशल श्रमिकों को 12,337 रुपये, अर्द्धकुशल को 12,947 रुपये, कुशल को 17,069 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों को 19,682 रुपये प्रतिमाह भुगतान करना होगा।

अतिकुशल श्रमिकों को रोजाना मिलेंगे 833 रुपये
दैनिक मजदूरी की नई दरों में भी क्षेत्र और कार्यकुशलता के आधार पर अंतर रखा गया है। क्षेत्र 'ए' में अकुशल श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 523 रुपये, क्षेत्र 'बी' में 498 रुपये और क्षेत्र 'सी' में 475 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, अतिकुशल श्रमिकों को क्षेत्र 'ए' में 833 रुपये, क्षेत्र 'बी' में 795 रुपये और क्षेत्र 'सी' में 757 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। सरकारी वर्गीकरण के मुताबिक, क्षेत्र 'ए' में रांची, चास, धनबाद, देवघर और हजारीबाग के नगर निगम क्षेत्र के साथ मानगो और आदित्यपुर के नगर निगम क्षेत्र, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र तथा जुगसलाई नगर परिषद को शामिल किया गया है। क्षेत्र 'बी' के दायरे में अन्य नगरपालिका और अधिसूचित क्षेत्र रखे गए हैं। वहीं, इन दोनों श्रेणियों में शामिल नहीं होने वाले बाकी इलाके क्षेत्र 'सी' में आएंगे। इस वर्गीकरण के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी तय होगी।

मूल मजदूरी के साथ महंगाई भत्ता भी शामिल
सरकार की ओर से जारी संशोधित मजदूरी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी जोड़ा गया है। मासिक और दैनिक मजदूरी की गणना 26 कार्यदिवस के आधार पर की गई है। इसका मतलब है कि निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के भुगतान में संबंधित क्षेत्र और श्रमिक की कुशलता की श्रेणी का ध्यान रखना होगा। अधिसूचना के अनुसार, श्रमिकों को तय न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित नियोजकों और प्रतिष्ठानों की होगी। ऐसे में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रमिकों को नई दरों के अनुसार भुगतान करना अनिवार्य होगा। सरकार के इस संशोधन से न्यूनतम मजदूरी पाने वाले श्रमिकों के पारिश्रमिक में परिवर्तनशील महंगाई भत्ते का लाभ शामिल होगा।
