Jharkhand Religious Conversion: झारखंड (Jharkhand) में कथित अवैध मतांतरण के खिलाफ ग्रामीणों और ग्राम सभाओं की सक्रियता बढ़ने लगी है। इसी कड़ी में रांची (Ranchi) जिले के इटकी थाना क्षेत्र की पुरियो पंचायत स्थित हरमू सालोटोली गांव (Harmu Salotoli Village) में ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई। ग्राम प्रधान बुधराम मुंडा (Budhram Munda) की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव में मतांतरण कराने वाले ईसाई धर्म प्रचारकों, पादरियों और पास्टरों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही गांव के प्रवेश द्वार पर इस संबंध में बोर्ड भी लगाया गया है। ग्राम सभा ने चंगाई सभाओं और मतांतरण को बढ़ावा देने वाले अन्य आयोजनों पर भी रोक लगाने की बात कही।

धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों को दी गई चेतावनी
बैठक में ग्राम सभा ने उन परिवारों को भी चेतावनी दी, जिन्हें गांव में जमीन देकर बसाया गया है और जो ईसाई धर्म अपना चुके हैं। सभा में निर्णय लिया गया कि ऐसे परिवार अपने मूल धर्म में वापस लौटें, अन्यथा उन्हें दी गई जमीन से बेदखल करने और सामाजिक संबंध समाप्त करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। ग्राम सभा ने अपने फैसलों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। हालांकि, जमीन से बेदखली और सामाजिक बहिष्कार जैसे कदमों की वैधता संबंधित कानूनों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

बैठक के बाद सामाजिक कार्यकर्ता मेघा उरांव ने कहा कि धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए राज्य के अन्य गांवों में भी ग्राम सभाओं के माध्यम से ऐसे बोर्ड लगाने और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। वक्ताओं ने दावा किया कि कुछ वर्ष पहले तक इन सुदूर ग्रामीण इलाकों में ईसाई परिवार नहीं थे, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़ रही है। बैठक को संदीप उरांव, सोमा उरांव, प्रदीप टोप्पो, सनी उरांव और राजू उरांव ने भी संबोधित किया। सोमा उरांव ने कहा कि धर्म परिवर्तन कर ईसाई या इस्लाम अपनाने वाले लोगों का अनुसूचित जनजाति (ST) का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जाना चाहिए। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।