द फॉलोअप डेस्क:
रांची विश्वविद्यालय के मारवाड़ी कॉलेज के हिंदी विभाग में कार्यरत अतिथि शिक्षिका मुन्नी कुमारी के हैदराबाद में इलाज के दौरान हुए असामयिक निधन पर झारखंड अतिथि शिक्षक संघ के द्वारा गहरा शोक व्यक्त किया गया है। उनके निधन से झारखंड के समस्त अतिथि शिक्षक समुदाय में गहरा आक्रोश और शोक है। संघ के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने कहा कि मुन्नी कुमारी ने एक शिक्षिका के रूप में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दीं, लेकिन बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके निधन के समय तक उन्हें 23 महीने के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया।
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इलाज के इंतजार में चली गई शिक्षिका की जान?
उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय एवं राज्य सरकार की लापरवाही के कारण एक शिक्षिका को अपने मेहनत की कमाई के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अगर समय पर वेतन का भुगतान किया गया होता तो वो समय रहते अपना समुचित इलाज करा पाती।। इससे भी ज्यादा पीड़ादायक स्थिति ये है कि आज मुन्नी कुमारी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार को अभी भी उनके मेहनत की कमाई के 23 महीने के बकाया वेतन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।अरविंद प्रसाद ने कहा कि मिली हुई जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने 07 अगस्त 2026 को उच्च न्यायालय में भुगतान के लिए राशि जमा कर दी है, लेकिन न्यायालय में लंबित प्रक्रिया के कारण अभी तक उक्त राशि का भुगतान दिवंगत शिक्षिका के परिवार को नहीं हो पाया है।

23 माह के बकाया वेतन के भुगतान की मांग
झारखंड अतिथि शिक्षक संघ माननीय उच्च न्यायालय से विनम्र आग्रह करता है कि मामले में आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करते हुए दिवंगत मुन्नी कुमारी के 23 माह के बकाया वेतन का भुगतान उनके वैध आश्रितों को जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।संघ अध्यक्ष ने कहा कि मुन्नी कुमारी का निधन केवल उनके परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं है, बल्कि ये पूरे अतिथि शिक्षक समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। एक शिक्षिका द्वारा दी गई सेवाओं का पारिश्रमिक उसके जीवनकाल में नहीं मिल पाना और मृत्यु के बाद भी परिवार का उसके लिए इंतजार करना राज्य की झारखंड के उच्च शिक्षा की लचर व्यवस्था को दर्शाती है,जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।झारखंड अतिथि शिक्षक संघ इस दुःख की घड़ी में दिवंगत मुन्नी कुमारी के परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती के साथ खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।